नई दिल्ली: नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट (Airport) पर कस्टम अधिकारियों ने तस्करी के एक बड़े प्रयास का पर्दाफाश किया है। इंडोनेशिया (Indonesia) की राजधानी जकार्ता से आए एक यात्री को संदेह के आधार पर रोककर की गई जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। जानकारी के मुताबिक, सोमवार को फ्लाइट संख्या D7-182 से दिल्ली पहुंचे एक यात्री की गतिविधियां कस्टम अधिकारियों को संदिग्ध लगीं।
इसके बाद उसे विस्तृत जांच के लिए रोका गया। प्रारंभिक तलाशी के दौरान उसके सामान और शरीर की जांच में कोई प्रतिबंधित वस्तु बरामद नहीं हुई, लेकिन अधिकारियों का संदेह बना रहा। कस्टम अधिकारियों ने यात्री से पूछताछ जारी रखी और आगे की जांच के लिए उसे निगरानी में रखा। संदेह के आधार पर मेडिकल परीक्षण भी कराया गया, जिसके बाद मामले में बड़ा खुलासा हुआ।
जानकारी के अनुसार, सोमवार को फ्लाइट संख्या D7-182 से दिल्ली पहुंचे यात्री की गतिविधियां कस्टम अधिकारियों को संदिग्ध लगीं। शुरुआती तलाशी और सामान की जांच में उसके पास से कोई प्रतिबंधित वस्तु बरामद नहीं हुई। हालांकि अधिकारियों को उस पर शक बना रहा, जिसके बाद उसे आगे की पूछताछ के लिए एयर इंटेलिजेंस यूनिट (AIU) कार्यालय ले जाया गया।
पूछताछ के दौरान यात्री ने स्वीकार किया कि उसने कैप्सूल के आकार के सोने के तीन ठोस टुकड़े निगल रखे हैं। उसके बयान के आधार पर मेडिकल जांच कराई गई, जिसमें उसके पेट में विदेशी वस्तुओं की मौजूदगी की पुष्टि हुई। कस्टम अधिकारियों के मुताबिक, चिकित्सकीय निगरानी में यात्री के शरीर से तीनों कैप्सूल बरामद किए गए। इन कैप्सूलों में मौजूद सोने का कुल वजन 744 ग्राम पाया गया। बरामद सोने को जब्त कर लिया गया है और उसकी बाजार कीमत का आकलन किया जा रहा है।
कस्टम विभाग की ओर से जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, सोमवार को दिल्ली पहुंचे इस यात्री को कस्टम्स ग्रीन चैनल पार करने के बाद रोका गया था। विभाग ने बताया कि उसे एडवांस पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम (APIS) के तहत की गई प्रोफाइलिंग के आधार पर चिन्हित किया गया था। इसी प्रोफाइलिंग के चलते अधिकारियों को यात्री की गतिविधियां संदिग्ध लगीं और उसे आगे की जांच के लिए रोक लिया गया।
प्रारंभिक तलाशी में यात्री के सामान या शरीर से कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। हालांकि, प्रोफाइलिंग और पूछताछ के दौरान अधिकारियों का संदेह बढ़ता गया। इसके बाद उसे विस्तृत पूछताछ के लिए एयर इंटेलिजेंस यूनिट (AIU) कार्यालय ले जाया गया।


