प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने पेपर लीक और छात्र आंदोलन के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और विपक्ष पर तीखा हमला बोला। प्रयागराज में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि पेपर लीक के मुद्दे पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी को बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों में परीक्षा व्यवस्था भ्रष्टाचार और नकल माफिया के कब्जे में थी, जबकि वर्तमान सरकार इसे पूरी तरह खत्म करने के लिए कठोर कदम उठा रही है।
केशव मौर्य ने समाजवादी पार्टी को “नकल माफिया” बताते हुए कहा कि प्रदेश में विभिन्न गड़बड़ियों में उसी पार्टी से जुड़े लोग शामिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि कल्याण सिंह सरकार द्वारा लागू किए गए नकल विरोधी अध्यादेश को सपा सरकार ने समाप्त कर दिया था, जिससे नकल माफियाओं को बढ़ावा मिला और मेधावी छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि संसद में आने वाला एंटी पेपर लीक विधेयक परीक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव लाएगा। उनके अनुसार इस कानून के लागू होने के बाद पेपर लीक कराने वाले गिरोहों और नकल माफियाओं के खिलाफ इतनी सख्त कार्रवाई होगी कि उनकी “रूह कांप जाएगी”। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर बनाई गई व्यवस्था का उद्देश्य युवाओं को पारदर्शी और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली उपलब्ध कराना है।
छात्र आंदोलन पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की भावनाओं का सम्मान करती है, लेकिन आंदोलन की आड़ में हिंसा, तोड़फोड़ और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि उपद्रव में समाजवादी पार्टी से जुड़े लोग शामिल थे और उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
राजनीतिक सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए केशव मौर्य ने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के विपक्षी गठबंधन संबंधी बयान पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष केवल सत्ता के सपने देख रहा है, जबकि जनता विकास और सुशासन के साथ खड़ी है।


