महराजगंज। भारत-नेपाल सीमा स्थित सोनौली बॉर्डर पर पकड़े गए विदेशी नागरिक की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, गिरफ्तार व्यक्ति का असली नाम जॉर्डन जोसेफ पीटर फीटज पैट्रिक है, जो ब्रिटेन के न्यूनेटोन का रहने वाला है। वह कथित तौर पर करीब 14 देशों की पुलिस और जांच एजेंसियों को लंबे समय तक चकमा देता रहा।
जांच में सामने आया कि आरोपी थाईलैंड में दुष्कर्म के मामले में सजा काट चुका था। सजा पूरी होने के बाद उसे उसके देश भेजे जाने की प्रक्रिया के दौरान वह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। बाद में वह भारत पहुंचा और दिल्ली में पकड़ा गया, लेकिन वहां से भी फरार होकर नेपाल सीमा तक पहुंच गया।
पुलिस के मुताबिक, सोनौली क्षेत्र में वह खुद को अमेरिकी एजेंट बताकर लोगों को गुमराह कर रहा था। जांच में यह भी सामने आया कि उसने फर्जी पहचान और फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया। अमेरिका में भी उसने कथित तौर पर फर्जी नाम से ड्राइविंग लाइसेंस बनवा रखा था।
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में आरोपी के अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी नेटवर्क से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। उसके भारत आने, ठहरने और संपर्कों की गहन जांच की जा रही है। विभिन्न केंद्रीय एजेंसियों से भी जानकारी साझा की गई है।
आरोपी को सोनौली बॉर्डर के पगडंडी मार्ग से भारत-नेपाल सीमा पार करने की कोशिश के दौरान एसएसबी ने गिरफ्तार किया था। अब पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां उसके अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क, फर्जी पहचान और आपराधिक गतिविधियों की विस्तृत जांच कर रही हैं।


