जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह ने अस्पताल पहुंचकर की मुलाकात, मुकदमे दर्ज न करने, मुआवजा और परीक्षा सुधारों पर दिया भरोसा
विशेष संवाददाता, यूथ इंडिया
नई दिल्ली। छात्र आंदोलन और परीक्षा सुधारों को लेकर लंबे समय से अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने शुक्रवार को अपना अनशन समाप्त कर दिया। गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह ने उनसे मुलाकात कर सरकार की ओर से उनकी प्रमुख चिंताओं पर सकारात्मक आश्वासन दिया।
बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि केंद्र सरकार दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों और 20 जुलाई 2026 को संसद मार्च में शामिल प्रतिभागियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज नहीं किए जाने के पक्ष में सकारात्मक रुख रखती है। उन्होंने बताया कि सरकार पहले ही संसद में प्रश्नपत्र लीक, परीक्षा सुधार और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव पर विस्तृत चर्चा कराने का निर्णय ले चुकी है।
उन्होंने यह भी कहा कि नीट प्रश्नपत्र लीक प्रकरण से जुड़े आत्महत्या पीड़ित परिवारों को उपयुक्त आर्थिक सहायता देने के प्रस्ताव पर भी सरकार गंभीरता से विचार कर रही है।
सरकार का कहना है कि सोनम वांगचुक द्वारा अनशन समाप्त करने का निर्णय इस बात का संकेत है कि संवाद के माध्यम से समाधान निकालने की दिशा में सकारात्मक प्रगति हुई है। केंद्र सरकार ने दोहराया कि देश के युवाओं का भविष्य उसकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी, निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक सुधार किए जा रहे हैं।
हाल ही में केंद्र सरकार ने प्रश्नपत्र लीक रोकथाम कानून के संशोधित विधेयक को भी मंजूरी दी है। प्रस्तावित कानून में 10 वर्ष तक की कठोर कारावास, 10 करोड़ रुपये तक जुर्माना और फास्ट ट्रैक न्यायालयों में त्वरित सुनवाई जैसे सख्त प्रावधान शामिल किए गए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि भारत का युवा राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति है और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार का कहना है कि प्रश्नपत्र लीक जैसे अपराधों के खिलाफ कठोर कानून, त्वरित न्याय और परीक्षा सुधारों के माध्यम से युवाओं का विश्वास मजबूत किया जाएगा।


