लखनऊ। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड में टेंडरों के आवंटन को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि मध्य जोन के मुख्य अभियंता (चीफ इंजीनियर) रवि अग्रवाल की कार्यशैली के चलते एक ही ठेकेदार की फर्म को लगातार टेंडर और वर्क ऑर्डर दिए जा रहे हैं, जिससे विभाग की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, पिछले लगभग पांच महीनों में ठेकेदार करुणा शंकर शुक्ला की फर्म एनर्जी कम्युनिकेशन को रिपेयरिंग, एडजस्टमेंट और अन्य कई कार्यों के दर्जनों वर्क ऑर्डर दिए गए हैं। आरोप है कि छोटे और स्थानीय ठेकेदारों के टेंडर विभिन्न कारणों से निरस्त कराकर वही कार्य उक्त फर्म को आवंटित किए गए।
विभाग के अंदर यह भी चर्चा है कि रिपेयरिंग और एडजस्टमेंट जैसे अधिकांश कार्य एक ही फर्म को दिए जा रहे हैं, जबकि समान कार्यों के लिए अन्य योग्य ठेकेदार भी उपलब्ध हैं। इससे निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा और सरकारी खरीद प्रक्रिया की पारदर्शिता पर प्रश्न उठ रहे हैं।
आरोप यह भी लगाए जा रहे हैं कि मुख्य अभियंता रवि अग्रवाल पिछले तीन वर्षों से लखनऊ में तैनात हैं और अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए अधीनस्थ अधिकारियों पर दबाव बनाते हैं। दावा किया जा रहा है कि वह स्वयं को निगम के चेयरमैन का करीबी बताते हैं और इसी आधार पर अधीक्षण अभियंताओं तथा अधिशासी अभियंताओं को निर्देशित करते हैं।


