लखनऊ। कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद ने मुख्यमंत्री पद को लेकर बड़ा राजनीतिक बयान दिया है. उन्होंने कहा कि यदि उन्हें मुख्यमंत्री बनने का अवसर मिलता है तो उनकी पहली प्राथमिकता राज्य की 578 जातियों के हित में कानून बनाना होगी और सेटलमेंट एक्ट लागू कराने की मांग करेंगे।
संजय निषाद ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सभी समाजों और बिरादरियों को नेतृत्व का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “निषाद समाज का व्यक्ति मुख्यमंत्री क्यों नहीं बन सकता? पिछले 70 वर्षों में केवल दो-तीन जातियों के लोग ही मुख्यमंत्री बनते रहे हैं। लोकतंत्र में सभी वर्गों को समान अवसर मिलना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि उनके समाज के लोग चाहते हैं कि वह मुख्यमंत्री बनें और यह उनकी भावनाओं का सम्मान करने का विषय है। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें नेतृत्व का अवसर मिलता है तो वह सामाजिक न्याय, पिछड़े और वंचित वर्गों के अधिकारों तथा 578 जातियों के लिए विशेष कानूनी व्यवस्था को प्राथमिकता देंगे।
संजय निषाद ने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी के साथ उनकी पार्टी के गठबंधन से भाजपा को राजनीतिक लाभ मिला है। उन्होंने दावा किया कि निषाद समाज का समर्थन भाजपा की चुनावी सफलता में महत्वपूर्ण रहा है और गठबंधन भविष्य में भी मजबूती के साथ जारी रहेगा।
कैबिनेट मंत्री के इस बयान को उत्तर प्रदेश की राजनीति में आगामी चुनावों और सामाजिक समीकरणों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि मुख्यमंत्री पद को लेकर भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


