नई दिल्ली। शिक्षा व्यवस्था और कथित पेपर लीक मामलों को लेकर जारी प्रदर्शन के बीच प्रदर्शनकारियों ने सरकार के सामने आंदोलन समाप्त करने के लिए तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें सबसे प्रमुख मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की है। प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय किए जाने और पेपर लीक मामलों में कठोर कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं।
पूर्व सांसद एवं शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि “इसका एक ही समाधान है… पहले धर्मेंद्र प्रधान की जवाबदेही तय हो, फिर पेपर लीक माफिया का पूरी तरह सफाया किया जाए।” उनका कहना है कि छात्रों का भविष्य सुरक्षित करने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आवश्यक है।
वहीं, भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि यदि विपक्ष के पास कोई ठोस समाधान है तो वह एक प्रस्ताव लेकर आए। उन्होंने संकेत दिया कि केवल इस्तीफे की मांग से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि ठोस सुझावों पर चर्चा होनी चाहिए।
इस बीच कांग्रेस सांसद श्याम कुमार बर्वे ने कहा, “आप धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ले लीजिए और हम आपको इसका पूरा क्रेडिट दे देंगे।” उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों के मुद्दे पर गंभीरता नहीं दिखा रही है।
प्रदर्शन को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। एक ओर विपक्ष शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी तय करने की मांग कर रहा है, तो दूसरी ओर सत्ता पक्ष इस मुद्दे पर विपक्ष से रचनात्मक प्रस्ताव लाने की बात कह रहा है। फिलहाल प्रदर्शन जारी है और सरकार की ओर से मांगों पर अंतिम निर्णय का इंतजार किया जा रहा है।


