27 C
Lucknow
Sunday, August 23, 2026

छात्रों पर कार्रवाई नहीं हुई तो ही टूटेगा अनशन, सोनम वांगचुक ने केंद्र के सामने रखीं तीन बड़ी शर्तें

Must read

 

नई दिल्ली। नीट पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग को लेकर जारी अनिश्चितकालीन अनशन के बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह को संबोधित पत्र में कहा है कि यदि सरकार आंदोलन में शामिल छात्रों और युवाओं के खिलाफ किसी भी प्रकार की दंडात्मक या कानूनी कार्रवाई न करने का स्पष्ट आश्वासन देती है, तो वह अपना अनशन समाप्त कर देंगे। अन्यथा उनका अनशन अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा।
पत्र में सोनम वांगचुक ने कहा कि इस आंदोलन का उद्देश्य देश की शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है। ऐसे में जिन छात्रों और युवाओं ने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाई है, उनके खिलाफ किसी भी प्रकार की प्रतिशोधात्मक कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इस संबंध में स्पष्ट आश्वासन देती है तो वह विश्वास के साथ अपना अनशन समाप्त कर देंगे।
सोनम वांगचुक ने अपने पत्र में दो अन्य महत्वपूर्ण मांगें भी दोहराईं। उन्होंने नीट पेपर लीक से प्रभावित उन परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की, जिनके बच्चों ने कथित रूप से मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या की। इसके साथ ही उन्होंने पूरे मामले में शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करने और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
वांगचुक ने लिखा कि देशभर के लाखों छात्र निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की उम्मीद कर रहे हैं। उनका कहना है कि आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था में विश्वास बहाल करने के लिए शुरू किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि वह अपने छात्रों के बीच लौटना चाहते हैं, लेकिन तब तक अनशन समाप्त नहीं करेंगे जब तक आंदोलन में शामिल युवाओं की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित नहीं हो जाता।

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article