फर्रुखाबाद। जनपद के आलू को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने की दिशा में जिला प्रशासन ने बड़ी पहल की है। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में आलू के बेहतर विपणन, गुणवत्ता संवर्धन और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए विशेष कृषक उत्पादक संगठन के गठन, आधुनिक ग्रेडिंग, पैकेजिंग और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
बैठक में कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण,एपीडा के अधिकारियों ने किसानों और निर्यातकों को निर्यात प्रक्रिया, गुणवत्ता मानकों तथा बाजार की मांग के बारे में विस्तृत जानकारी दी। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद का डाटा शीघ्र e-GM पोर्टल पर अपलोड किया जाए तथा गुणवत्तायुक्त बीजों और निर्यात योग्य आलू के उत्पादन को बढ़ावा दिया जाए।
बैठक में बताया गया कि फर्रुखाबाद में करीब 43,400 हेक्टेयर क्षेत्र में आलू की खेती होती है और प्रतिवर्ष लगभग 15.53 लाख मीट्रिक टन आलू का उत्पादन होता है। जनपद का आलू वर्तमान में सऊदी अरब, नेपाल, ओमान, इंडोनेशिया, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और श्रीलंका सहित कई देशों में निर्यात किया जा रहा है। वहीं, हाल ही में रूस ने ‘कुफरी बहार’ किस्म के आलू की मांग जताई है और इराक ने भी भारत से आलू आयात को मंजूरी दी है।
एपीडा अधिकारियों ने बताया कि निर्यात के लिए 45 से 80 मिलीमीटर आकार के साफ, चिकने और बिना दाग-धब्बे वाले आलू की अधिक मांग रहती है। साथ ही निर्यातकों को परिवहन भाड़े पर 25 प्रतिशत तक सब्सिडी का प्रावधान भी उपलब्ध है।
जिलाधिकारी ने किसानों को वैज्ञानिक खेती, संतुलित उर्वरक उपयोग, वर्मी कम्पोस्ट और स्प्रिंकलर सिंचाई अपनाने के लिए प्रेरित करने तथा मिट्टी परीक्षण रिपोर्ट समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक में जनपद में मैंगो पल्प यूनिट स्थापित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, एपीडा के अधिकारी तथा कृषि, उद्यान और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


