अच्छी वर्षा की कामना को लेकर मंदिरों में इंद्रदेव की पूजा-अर्चना, ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव और गंदगी से बढ़ी परेशानी
शमशाबाद/फर्रुखाबाद। पिछले दो दिनों से हो रही रुक-रुक कर रिमझिम बारिश ने भीषण गर्मी और उमस से परेशान आम जनमानस को बड़ी राहत दी है। तपती धूप से बेहाल लोगों के साथ-साथ पशु-पक्षियों ने भी राहत की सांस ली है। मौसम सुहावना होने से बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की चहल-पहल बढ़ी दिखाई दी। हालांकि यह बारिश धान की खेती करने वाले किसानों के लिए राहत से अधिक चिंता का कारण बन गई है, क्योंकि खेतों में रोपाई लायक पानी अभी तक नहीं भर सका है।
बारिश के कारण तापमान में गिरावट आने से लोगों ने गर्मी से राहत महसूस की, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में हालात अलग नजर आए। कई गांवों में गलियां और नालियां कीचड़ से भर गई हैं, जबकि जगह-जगह जलभराव और गंदगी फैलने से संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि नियमित सफाई न होने से नालियां चोक पड़ी हैं और बारिश ने सफाई व्यवस्था की वास्तविक स्थिति उजागर कर दी है। लोगों ने ग्राम पंचायतों से तत्काल सफाई अभियान चलाने की मांग की है।
दूसरी ओर धान की खेती करने वाले किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं। खेतों में धान की पौध तैयार करने का समय चल रहा है, लेकिन पर्याप्त बारिश न होने से खेतों की परेवट और गड़ाई का कार्य प्रभावित हो रहा है। किसानों का कहना है कि धान की रोपाई के लिए खेतों में पर्याप्त पानी का होना जरूरी है। हल्की फुहारों से मिट्टी तो भीग रही है, लेकिन खेतों में इतना पानी नहीं भर पा रहा कि रोपाई का कार्य शुरू किया जा सके।
किसानों का कहना है कि धान की खेती पूरी तरह मानसून पर निर्भर रहती है। यदि समय पर अच्छी बारिश नहीं हुई तो पौध तैयार करने से लेकर रोपाई तक का पूरा चक्र प्रभावित हो सकता है, जिससे उत्पादन पर भी असर पड़ेगा। उनका कहना है कि वर्तमान बारिश केवल मौसम को सुहावना बना रही है, जबकि खेती के लिए मूसलाधार वर्षा की आवश्यकता है।
अच्छी बारिश की कामना को लेकर किसानों और ग्रामीणों ने धार्मिक आस्था का भी सहारा लिया है। फैजबाग-शमशाबाद मार्ग स्थित ग्राम मुरैठी के भगवान शिव मंदिर में किसानों ने इंद्रदेव को प्रसन्न करने के लिए विशेष पूजा-अर्चना की और समय पर अच्छी वर्षा की प्रार्थना की। इसके अलावा नगर के ऐतिहासिक गुमटी महादेव मंदिर तथा चौमुखी महादेव मंदिर में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और क्षेत्र में भरपूर बारिश होने की कामना की।
किसानों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी वर्षा नहीं हुई तो धान की रोपाई प्रभावित हो सकती है, जिससे कृषि कार्यों पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। वहीं आम लोगों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में मानसून पूरी तरह सक्रिय होगा और जहां किसानों को राहत मिलेगी, वहीं पेयजल संकट और भीषण गर्मी से भी स्थायी राहत प्राप्त होगी।
रिमझिम बारिश से गर्मी से मिली राहत, लेकिन धान के किसानों की बढ़ी चिंता


