वाराणसी को एलिवेटेड कॉरिडोर, चिप निर्माण, मोबाइल उत्पादन और रेलवे परियोजनाओं को मिली मंजूरी
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल और आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक में देश के बुनियादी ढांचे, उद्योग, रेलवे, उर्वरक और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र से जुड़े सात महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। इन परियोजनाओं पर करीब 2.19 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार का कहना है कि इन फैसलों से रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे, औद्योगिक विकास को गति मिलेगी, परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी और देश को प्रौद्योगिकी तथा उर्वरक उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी।
बैठक में वाराणसी के लिए दो बड़ी आधारभूत संरचना परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई। पहली परियोजना के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग-19 को वाराणसी रिंग रोड से जोड़ने वाले नए संपर्क मार्ग का निर्माण होगा। दूसरी परियोजना में वरुणा नदी के किनारे राष्ट्रीय राजमार्ग-31 को वाराणसी रिंग रोड से जोड़ने के लिए लगभग 43 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा। करीब 10,998 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना में फ्लाईओवर, रैंप, सेवा मार्ग और बहुलेन सड़कें शामिल होंगी। इससे शहर में यातायात का दबाव कम होगा और एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशनों, गंगा घाटों तथा आसपास के क्षेत्रों तक आवागमन पहले से अधिक आसान होगा।
मंत्रिमंडल ने देश में चिप निर्माण को बढ़ावा देने के लिए सेमीकॉन 2.0 मिशन को भी मंजूरी दी है। इस योजना पर 1.27 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके साथ ही मोबाइल फोन निर्माण को बढ़ावा देने के लिए नई उत्पादन प्रोत्साहन योजना को भी स्वीकृति दी गई है, जिस पर 62,500 करोड़ रुपये खर्च होंगे। सरकार का लक्ष्य भारत को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करना और बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करना है।
उर्वरक क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए नई राष्ट्रीय निवेश नीति को मंजूरी दी गई है। इसके तहत देश में नौ नए यूरिया संयंत्र स्थापित किए जाएंगे, जिससे किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के साथ आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।
रेलवे क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए भी दो अहम परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। इनमें पारादीप-हरिदासपुर रेलखंड के दोहरीकरण तथा डंगोआपोसी-राजखरसवां के बीच चौथी रेल लाइन का निर्माण शामिल है। इन परियोजनाओं से माल और यात्री ट्रेनों का संचालन अधिक सुगम होगा, यातायात क्षमता बढ़ेगी और औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर रेल संपर्क मिलेगा।
सरकार का मानना है कि इन सात बड़े फैसलों से देश में बुनियादी ढांचे का विस्तार होगा, निवेश को बढ़ावा मिलेगा, लाखों लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे और भारत की आर्थिक विकास गति को नई मजबूती मिलेगी।


