फर्रुखाबाद। वर्ष 2017 में दर्ज पॉक्सो एक्ट के एक मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी करार देते हुए कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। न्यायालय के इस निर्णय को पीड़ित पक्ष के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अभियोजन के अनुसार थाना मेरापुर में वर्ष 2017 में अपराध संख्या 98/2017 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 354 एवं 506 तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 8 में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले में अभियुक्त संदीप कुमार पुत्र रामप्रकाश, निवासी ग्राम ऊनरपुर, थाना मेरापुर, जनपद फर्रुखाबाद के विरुद्ध न्यायालय में विचारण चल रहा था।
विशेष सत्र परीक्षण संख्या 36/2017 की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से एडीजीसी तेज सिंह राजपूत ने प्रभावी पैरवी करते हुए साक्ष्य, गवाहों और कानूनी दलीलों को न्यायालय के समक्ष मजबूती से प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों की बहस सुनने तथा उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट श्रीमती रितिका त्यागी ने अभियुक्त को दोषी ठहराया।
न्यायालय ने अभियुक्त संदीप कुमार को पॉक्सो एक्ट की धारा 8 के तहत तीन वर्ष के कठोर कारावास एवं 10,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। इसके अतिरिक्त भारतीय दंड संहिता की धारा 506 के अंतर्गत दो वर्ष के कारावास तथा 2,000 रुपये के अर्थदंड की भी सजा सुनाई।
न्यायालय के फैसले के बाद दोषी के विरुद्ध विधिक कार्रवाई पूरी करते हुए उसे नियमानुसार दंड भुगतने के लिए भेज दिया गया। अभियोजन पक्ष ने इस निर्णय को न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि प्रभावी पैरवी और ठोस साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने दोषसिद्धि करते हुए अभियुक्त को दंडित किया।
पॉक्सो एक्ट के मामले में दोषी को तीन वर्ष की सजा, न्यायालय ने लगाया 10 हजार रुपये का अर्थदंड


