फर्रुखाबाद। पांचाल नगरी में भगवान श्री जगन्नाथ की भक्ति और सनातन संस्कृति का अनुपम संगम उस समय देखने को मिला, जब श्री राधा माधव संकीर्तन मंडल एवं पांचाल रथयात्रा समिति के संयुक्त तत्वावधान में “श्री जगन्नाथ स्वामी आशीर्वाद एवं अष्टोत्तरशत (108) धर्म कीर्ति सम्मान समारोह” का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम श्रीमन्माध्वगौडेश्वराचार्य डॉ. मनमोहन गोस्वामी के पावन सानिध्य एवं आचार्य चिन्मय गोस्वामी के सहयोग से श्री राधा माधव मंदिर में संपन्न हुआ।
समारोह का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार, कलश स्थापना एवं भगवान श्री जगन्नाथ के विशेष पूजन-अर्चन के साथ हुआ। इसके बाद नगर के 108 ऐसे समाजसेवियों, धर्मसेवियों, शिक्षाविदों, सांस्कृतिक एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने पिछले दो से ढाई दशकों से धार्मिक आयोजनों, विशेषकर पांचाल जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
अपने आशीर्वचन में डॉ. मनमोहन गोस्वामी ने कहा कि भगवान श्री जगन्नाथ की रथयात्रा केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि समता, समरसता, सेवा और विश्व बंधुत्व का संदेश देने वाला महापर्व है। उन्होंने कहा कि “जगत” शब्द संपूर्ण मानव समाज का प्रतीक है और “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना ही भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी पहचान है। समाज तभी आगे बढ़ेगा जब सेवा, सहयोग और सद्भाव की भावना निरंतर बनी रहे।
उन्होंने सभी सम्मानित व्यक्तियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्षों से उनके समर्पण और सहयोग के कारण ही फर्रुखाबाद में धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराएं जीवंत बनी हुई हैं। उन्होंने भगवान जगन्नाथ से सभी के सुख, समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना की।
इस अवसर पर आगामी पांचाल जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव की तैयारियों की भी जानकारी दी गई। बताया गया कि 15 जुलाई को भगवान का नेत्र उत्सव आयोजित होगा, जिसमें मध्य प्रदेश से आए भजन गायक अपनी मधुर प्रस्तुतियां देंगे। इसके अगले दिन 16 जुलाई को भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की भव्य रथयात्रा नगर भ्रमण के लिए निकलेगी, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
समारोह का समापन भगवान श्री जगन्नाथ की भव्य आरती एवं प्रसाद वितरण के साथ हुआ। कार्यक्रम का संचालन आचार्य चिन्मय गोस्वामी एवं प्रथा गोस्वामी ने किया। इस अवसर पर श्री राधा माधव संकीर्तन मंडल के पदाधिकारी, पांचाल रथयात्रा समिति के सदस्य, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।


