वाराणसी। मोहनसराय क्षेत्र स्थित करीब 50 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन पर कथित कब्जा और फर्जी दस्तावेज तैयार कर हड़पने के मामले में अदालत के आदेश पर बड़ा मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने इस मामले में भाजपा काशी क्षेत्र के उपाध्यक्ष समेत 10 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
मामला बुजुर्ग शिक्षिका प्रमिला मिश्रा की जमीन से जुड़ा है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सुनियोजित साजिश के तहत फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन का पंजीकरण कराया गया और उस पर कब्जा करने का प्रयास किया गया। शिकायतकर्ता ने पूरे प्रकरण में कई लोगों की मिलीभगत होने का आरोप लगाया है।
कोर्ट के आदेश पर दर्ज एफआईआर में भाजपा काशी क्षेत्र के उपाध्यक्ष सुरेश सिंह का नाम भी शामिल है। इसके अलावा नितेश राय, विशाल मिश्रा, रवि उपाध्याय, करुणापति उपाध्याय, अजय कुमार तिवारी, प्रवीण कुमार सिंह, तत्कालीन उपनिबंधक अनिल कुमार तथा निबंधन कार्यालय के लिपिक सत्यांश सिंह समेत अन्य लोगों को नामजद किया गया है।
शिकायत में आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों और कथित अनियमित पंजीकरण प्रक्रिया के जरिए करोड़ों रुपये की जमीन पर अवैध तरीके से अधिकार स्थापित करने की कोशिश की गई। मामले में तत्कालीन निबंधन अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अदालत के आदेश के अनुपालन में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और सभी आरोपों की विस्तृत जांच की जा रही है। दस्तावेजों का सत्यापन, संबंधित अभिलेखों की जांच और सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे। जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला सामने आने के बाद वाराणसी में भूमि पंजीकरण प्रक्रिया, फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल और सरकारी अधिकारियों की भूमिका को लेकर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


