रजिस्ट्रेशन और जीएसटी के नाम पर खाते में कराए रुपये ट्रांसफर, फोन बंद कर हुआ फरार
शमशाबाद, फर्रुखाबाद। साइबर ठग नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। इस बार ठगों ने सरकारी योजना के तहत पेंशिल मशीन लगवाने और भारी अनुदान दिलाने का झांसा देकर एक युवक से 34 हजार रुपये ठग लिए। ठगी का पता चलने पर पीड़ित ने बैंक खाता बंद कराया और थाना शमशाबाद में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
थाना क्षेत्र के गांव बैरमपुर निवासी इंद्रेश कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनके मोबाइल पर लखनऊ से एक व्यक्ति का फोन आया। उसने स्वयं को सरकारी योजना से जुड़ा अधिकारी बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार युवाओं को पेंशिल निर्माण मशीन लगाने पर विशेष अनुदान दे रही है। आरोपी ने दावा किया कि मशीन लगाने के बाद हर महीने लाखों रुपये की आय हो सकती है।
ठग ने योजनाबद्ध तरीके से इंद्रेश को अपने झांसे में ले लिया। उसने रजिस्ट्रेशन, जीएसटी, फाइल प्रोसेसिंग और मशीन बुकिंग के नाम पर अलग-अलग खातों में किस्तों के रूप में 34 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए। रुपये मिलने के बाद जब पीड़ित ने मशीन की डिलीवरी और सरकारी अनुदान के बारे में जानकारी मांगी तो आरोपी बहाने बनाने लगा। कुछ देर बाद उसने अपना मोबाइल फोन बंद कर लिया, जिससे युवक को ठगी का एहसास हुआ।
घटना की जानकारी मिलते ही इंद्रेश ने तत्काल अपना बैंक खाता बंद कराया ताकि आगे किसी प्रकार का वित्तीय नुकसान न हो। इसके बाद वह थाना शमशाबाद पहुंचा और पूरे घटनाक्रम की लिखित शिकायत पुलिस को सौंपी।
थाना प्रभारी सचिन चौधरी ने बताया कि पीड़ित की तहरीर प्राप्त हो गई है। मामले की जांच की जा रही है। साइबर सेल की सहायता से संबंधित बैंक खातों और मोबाइल नंबरों का विवरण जुटाया जा रहा है। जांच के आधार पर आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सरकारी योजना, अनुदान, रोजगार या लोन के नाम पर आने वाले किसी भी फोन कॉल या ऑनलाइन संदेश पर बिना सत्यापन के विश्वास न करें। किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर बैंक खाते में रुपये ट्रांसफर न करें। यदि साइबर ठगी की आशंका हो तो तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं तथा निकटतम पुलिस थाने या साइबर सेल से संपर्क करें।
पेंशिल मशीन पर सरकारी अनुदान का झांसा देकर युवक से 34 हजार की साइबर ठगी


