– दो साल में ही जर्जर; निर्माण गुणवत्ता की खुली पोल
फर्रुखाबाद। दिल्ली–फर्रुखाबाद मार्ग पर स्थित शुक्ररुल्लापुर रेलवे ओवरब्रिज की हालत पहली ही बारिश में फिर सवालों के घेरे में आ गई है। करीब 27.49 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह ओवरब्रिज महज दो वर्ष में ही क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल पर जगह-जगह सड़क उखड़ गई है और बरसाती पानी भरने से आवागमन जोखिम भरा हो गया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस ओवरब्रिज की दो वर्षों में तीन से चार बार मरम्मत कराई जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।
बताया जाता है कि इस रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण उत्तर प्रदेश सेतु निगम द्वारा कराया गया था। करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी पुल का बार-बार क्षतिग्रस्त होना निर्माण की गुणवत्ता और कार्यदायी संस्था की जवाबदेही पर सवाल खड़े कर रहा है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि पहली ही बारिश में पुल की यह स्थिति है तो भविष्य में भारी वाहनों और लगातार यातायात के दौरान इसकी मजबूती को लेकर चिंता स्वाभाविक है। लोगों ने पुल की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराने और निर्माण में यदि किसी प्रकार की लापरवाही पाई जाए तो जिम्मेदार अधिकारियों एवं संबंधित एजेंसी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
यह मामला केवल एक पुल के क्षतिग्रस्त होने का नहीं, बल्कि करोड़ों रुपये की सार्वजनिक धनराशि से किए गए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन और सेतु निगम इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और जनता को सुरक्षित एवं टिकाऊ बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराने के लिए क्या कार्रवाई की जाती है।


