नई दिल्ली। राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (यूजीसी-नेट) 2026 की समाजशास्त्र विषय की परीक्षा को लेकर प्रश्नपत्र लीक होने के गंभीर आरोप सामने आने के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है। हरियाणा के छात्र नेताओं ने दावा किया है कि परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र का बड़ा हिस्सा कुछ लोगों के पास पहुंच गया था और रातभर छात्रों को उसी आधार पर तैयारी कराई गई। आरोप है कि परीक्षा में आए लगभग 90 प्रश्न पहले से उपलब्ध कराए गए प्रश्नों से मेल खाते हैं।
छात्र नेताओं के अनुसार, एक संगठित गिरोह ने बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली समेत कई राज्यों में अभ्यर्थियों से लाखों रुपये लेकर कथित रूप से प्रश्न उपलब्ध कराए। दावा किया गया है कि परीक्षा से पहले दो अलग-अलग प्रश्न सेटों के आधार पर विशेष तैयारी कराई गई थी।
मामले ने राजनीतिक रूप भी ले लिया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि आरोप सही हैं तो यह देश के लाखों युवाओं के भविष्य के साथ गंभीर खिलवाड़ है। उन्होंने पूरे प्रकरण की स्वतंत्र डिजिटल फोरेंसिक जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
इस बीच अभ्यर्थियों ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी से कथित लीक सामग्री और वास्तविक प्रश्नपत्र का मिलान कर सच्चाई सार्वजनिक करने की मांग की है। उनका कहना है कि बार-बार सामने आ रहे प्रश्नपत्र लीक के आरोपों से प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।


