सनातन और राम मंदिर मुद्दे पर मंथन
लखनऊ। प्रदेश की सियासत में गुरुवार को उस समय हलचल तेज हो गई, जब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लखनऊ में ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया। दोनों नेताओं के बीच सनातन धर्म, गौ संरक्षण और अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा विवाद सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। यह चार महीने के भीतर दोनों की दूसरी मुलाकात है, जिसे राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि उन्होंने शंकराचार्य से सनातन पर आए संकट और धर्म को अधर्मियों के चंगुल से मुक्त कराने के विषय पर सार्थक चर्चा की। उन्होंने कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद गौ संरक्षण को लेकर पूरे प्रदेश में जनजागरण अभियान चला रहे हैं और समाज को जागरूक करने का कार्य कर रहे हैं।
मीडिया से बातचीत में अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि “भाजपा वोट के लिए अपने विचार और सिद्धांत बदलती रहती है।” उन्होंने कहा कि आज हर बात रिकॉर्ड पर है और जनता सब देख और समझ रही है।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद का जिक्र करते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि इस घटना से देश-विदेश के सनातन धर्मावलंबियों की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों पर जिम्मेदारी थी, उन्हें जवाबदेह बनाया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि “सांचा नहीं, ढांचा बदलने की जरूरत है” और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
वहीं, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बताया कि गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग को लेकर उनकी ‘गविष्ठि गौ रक्षार्थ धर्म यात्रा’ प्रदेश के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों से गुजर रही है, जिसका समापन 24 जुलाई को लखनऊ के स्मृति उपवन में होगा। इसके बाद आंदोलन के अगले चरण की घोषणा की जाएगी।


