नई दिल्ली। देशभर में मानसून ने विकराल रूप धारण कर लिया है। दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तराखंड, केरल, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। कई स्थानों पर बाढ़, भूस्खलन, इमारतें ढहने और आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं में कई लोगों की जान चली गई, जबकि हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। भारतीय मौसम विभाग ने 17 राज्यों में भारी बारिश, तेज आंधी और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है।
सबसे अधिक तबाही महाराष्ट्र और गुजरात में देखने को मिली। महाराष्ट्र के रायगढ़ स्थित एचपीसीएल के एलपीजी बॉटलिंग संयंत्र में बाढ़ का पानी घुसने से करीब 3,000 गैस सिलेंडर बह गए। पिंपरी-चिंचवड़ में कचरे का बड़ा ढेर गिरने से तीन मंजिला इमारत ढह गई, जिसमें कई लोगों के फंसे होने की आशंका है। मुंबई और आसपास के इलाकों में जलभराव के कारण रेल और सड़क यातायात प्रभावित रहा।
गुजरात के सूरत में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। निचले इलाकों से 3,400 से अधिक लोगों को बचाया गया, जबकि 3,800 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। बाढ़ और डूबने की घटनाओं में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लगातार बारिश के बीच रोहिणी सेक्टर-16 में पांच मंजिला निर्माणाधीन इमारत गिरने से चार लोगों की मौत हो गई। कई इलाकों में जलभराव से यातायात प्रभावित रहा। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों के लिए तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।
उत्तराखंड में लगातार बारिश से कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ है। उत्तरकाशी में यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग और अन्य मार्ग मलबा आने से बाधित हो गए, जबकि टिहरी में भूस्खलन की चपेट में आने से एक मकान क्षतिग्रस्त हो गया।
केरल के वायनाड में सुरंग निर्माण परियोजना स्थल पर हुए भूस्खलन में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग अभी भी लापता हैं। राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है।
मध्य प्रदेश में तेज बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं। खरगोन जिले में तेज बहाव में एक युवक बह गया। वहीं उत्तर प्रदेश में देवरिया, पीलीभीत और इटावा में आकाशीय बिजली गिरने से तीन किसानों की मौत हो गई। आगरा, बदायूं और मथुरा में मकान और दुकानें गिरने से कई लोग घायल हुए हैं।
प्रशासन और आपदा राहत एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। मौसम विभाग ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों से दूर रहने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।


