– शिक्षकों को मिलेगा 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज
फर्रुखाबाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी से आयोजित प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम के माध्यम से मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ किया। जनपद फर्रुखाबाद में कार्यक्रम का सजीव प्रसारण किया गया, जहां शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरित किए गए। इसके साथ ही विद्यार्थियों के लिए डीबीटी के माध्यम से धनराशि अंतरण तथा शिक्षकों एवं कर्मचारियों के लिए स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया के सहयोग से संचालित सुरक्षा बीमा योजना का भी शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश की राज्यमंत्री (महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार) प्रतिभा शुक्ला उपस्थित रहीं। उनके साथ सुशील शाक्य, डॉ. सुरभि तथा भाजपा जिलाध्यक्ष फतेहचंद्र वर्मा भी मौजूद रहे।
राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना शिक्षकों के स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुरक्षा की दिशा में प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षकों के सम्मान और कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है तथा यह योजना उनके और उनके आश्रित परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
योजना के तहत बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षक, राजकीय एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षक, शिक्षामित्र, विशेष शिक्षक, अनुदेशक, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के वार्डन, पूर्णकालिक एवं अंशकालिक शिक्षक तथा उनके आश्रित परिवारों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। योजना का पूरा प्रीमियम राज्य सरकार वहन करेगी तथा सूचीबद्ध सरकारी एवं निजी अस्पतालों में लगभग 1900 उपचार पैकेजों का लाभ मिलेगा।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को डीबीटी के माध्यम से विभिन्न योजनाओं की धनराशि सीधे उनके अभिभावकों के बैंक खातों में हस्तांतरित की गई। अधिकारियों ने बताया कि डीबीटी व्यवस्था से लाभार्थियों तक पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से सहायता पहुंच रही है।
इस अवसर पर बेसिक शिक्षा विभाग और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के अंतर्गत शिक्षकों एवं कर्मचारियों के लिए विभिन्न सुरक्षा बीमा योजनाओं की जानकारी भी दी गई। इन योजनाओं में ग्रुप टर्म लाइफ इंश्योरेंस, व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा, एयर एक्सीडेंट कवर, स्थायी एवं आंशिक दिव्यांगता बीमा के साथ-साथ पात्र कर्मचारियों के बच्चों की शिक्षा और पुत्रियों के विवाह के लिए विशेष सहायता का भी प्रावधान किया गया है।
कार्यक्रम में जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर, मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, बैंक अधिकारियों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।


