लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने तुलसियानी कंस्ट्रक्शन एंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड को बड़ी राहत देते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई और मनी लॉन्ड्रिंग के मुकदमे को रद्द कर दिया है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि बिना वैधानिक आधार के मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA) का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता और इसका दुरुपयोग स्वीकार्य नहीं है।
न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की एकलपीठ ने यह आदेश तुलसियानी ग्रुप की उस याचिका पर सुनवाई के बाद दिया, जिसमें ईडी द्वारा दर्ज प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ECIR) और उससे जुड़ी कार्रवाई को चुनौती दी गई थी।
सुनवाई के दौरान अदालत ने माना कि प्रस्तुत तथ्यों और परिस्थितियों में मनी लॉन्ड्रिंग का मामला विधिसम्मत नहीं बनता। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि पीएमएलए का उपयोग केवल वैधानिक शर्तें पूरी होने पर ही किया जा सकता है, इसका मनमाने ढंग से प्रयोग नहीं किया जा सकता।
हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद तुलसियानी ग्रुप के खिलाफ ईडी की संबंधित कार्रवाई और मनी लॉन्ड्रिंग का मुकदमा निरस्त हो गया है। यह निर्णय पीएमएलए के दायरे और उसके उपयोग को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हालांकि, अदालत के इस आदेश का प्रभाव केवल इस मामले के तथ्यों और कानूनी परिस्थितियों तक सीमित रहेगा। यदि किसी अन्य प्रकरण में अलग तथ्य या आधार मौजूद हैं, तो संबंधित एजेंसियां कानून के अनुसार कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र होंगी।


