समिट बिल्डिंग कॉल सेंटर का बड़ा खुलासा
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में संचालित बहुचर्चित फर्जी कॉल सेंटर मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। विदेशी नागरिकों से करीब 250 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मुख्य आरोपी विनीत धर्मेंद्र वशिष्ठ को उसके दो साथियों नायकर जयराज उर्फ चार्ल्स और रिंकी दास गुप्ता के साथ कोलकाता से गिरफ्तार किया गया है। तीनों की गिरफ्तारी लखनऊ पुलिस ने कोलकाता पुलिस के सहयोग से की। आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाया जा रहा है, जहां उनसे गहन पूछताछ होगी।
पुलिस के अनुसार, आरोपी लखनऊ की चर्चित समिट बिल्डिंग से फर्जी कॉल सेंटर संचालित कर अमेरिकी नागरिकों को डिजिटल अरेस्ट, टैक्स और अन्य बहानों से निशाना बनाकर करोड़ों रुपये की ठगी करते थे। मामले में विनीत पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था। घटना के बाद तीनों अपने मोबाइल फोन बंद कर फरार हो गए थे। सर्विलांस और तकनीकी जांच के आधार पर उनकी लोकेशन ट्रेस कर कोलकाता से गिरफ्तार किया गया।
जांच में सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क का संचालन विदेश में बैठे गैंग लीडरों के इशारे पर किया जा रहा था। पुलिस अब गिरोह के वित्तीय लेन-देन, फर्जी कंपनियों, बैंक खातों और विदेशी कनेक्शन की गहराई से जांच कर रही है। पहले गिरफ्तार किए गए ऑपरेशन मैनेजरों से भी दोबारा पूछताछ की जाएगी। पुलिस का दावा है कि पूछताछ के आधार पर देश के कई शहरों में छापेमारी जारी है और जल्द ही इस अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।


