रोहतास: बिहार में रोहतास (Rohtas) जिले की पुलिस को साइबर अपराधियों (Cyber criminals) के खिलाफ एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। सासाराम नगर थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर शहर के आशीर्वाद होटल में छापेमारी कर चार शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार (arrested) किया है। यह गिरोह काफी समय से लोगों को अपना निशाना बना रहा था और इनके तार तेलंगाना तक जुड़े होने की पुष्टि हुई है।
सासाराम के एसडीपीओ-1, विप्लव कुमार ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि ये अपराधी बेहद सुनियोजित तरीके से लोगों को ठगते थे। इनका मुख्य तरीका मोबाइल पर संदिग्ध लिंक भेजना और फोन कॉल के जरिए लोगों से ओटीपी (OTP) हासिल करना था। ओटीपी मिलते ही ये पलक झपकते ही पीड़ितों के बैंक खातों से बड़ी रकम उड़ा लेते थे।
पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया है कि ये अपराधी सीधे अपना अकाउंट इस्तेमाल करने के बजाय सामान्य और जरूरतमंद लोगों के बैंक खातों का उपयोग करते थे। साइबर ठगी से कमाई गई अवैध राशि को वे इन्हीं अनजान लोगों के खातों में मंगवाते थे। पुलिस के अनुसार इस काम के बदले वे खाताधारकों को ठगी गई राशि का 2.5% कमीशन भी देते थे। पुलिस ने ऐसे कई अन्य स्थानीय खाताधारकों को भी चिह्नित कर लिया है जो अनजाने या लालच में आकर इन अपराधियों की मदद कर रहे थे।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने इनके पास से भारी मात्रा में मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं, जिनका उपयोग ठगी के लिए किया जाता था। गिरफ्तार किए गए अपराधियों में मुख्य सरगना (मास्टरमाइंड) आदित्य राज शामिल है, जो भभुआ का रहने वाला है। इसके अलावा गिरोह के अन्य तीन सदस्यों की पहचान अमन कुमार पटेल (बघेला, रोहतास), रवि कुमार वर्मा (सलेमपुर, नोखा) और आदित्य कुमार (धनकाढा) के रूप में हुई है।
एसडीपीओ विप्लव कुमार ने स्पष्ट किया कि इन अपराधियों के तार तेलंगाना स्थित साइबर अपराध के नेटवर्क से जुड़े हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इन लोगों ने अब तक कुल कितने लोगों को ठगा है और इनके नेटवर्क में और कौन-कौन से बड़े चेहरे शामिल हो सकते हैं। फिलहाल सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। यह गिरफ्तारी सासाराम में बढ़ रहे साइबर अपराध पर लगाम लगाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।


