– बाबुओं की मनमानी पर कड़ी नजर
– निदेशक विशाल सिंह की टेड़ी नजर
लखनऊ। प्रदेश के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में प्रशासनिक सख्ती का असर अब स्पष्ट दिखाई देने लगा है। विभाग के निदेशक विशाल सिंह के नेतृत्व में कार्यालयी कार्यप्रणाली को पारदर्शी बनाने और अनियमितताओं पर अंकुश लगाने की दिशा में लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार, लंबे समय से बाबुओं की कथित मनमानी और सेटिंग के सहारे चल रहे कुछ फर्जी मीडिया संस्थानों पर अब कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
बताया जा रहा है कि विभाग में वर्षों से कुछ ऐसे प्रकाशन और पत्रिकाएं सक्रिय थीं, जो केवल दो-चार या पांच प्रतियां छापकर सरकारी विज्ञापनों और अन्य लाभों के जरिए लाखों रुपये की वसूली कर रही थीं। ऐसे मामलों की गहन समीक्षा शुरू होने के बाद कई संस्थानों की गतिविधियां जांच के दायरे में आ गई हैं। इससे कथित फर्जी मीडिया नेटवर्क में हड़कंप की स्थिति बताई जा रही है।
वहीं, अपर निदेशक अरविंद मिश्रा की सख्ती के बाद विभागीय कामकाज की रफ्तार और कार्यशैली में भी बदलाव महसूस किया जा रहा है। अधिकारियों और कर्मचारियों को नियमों के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। फाइलों के निस्तारण से लेकर मान्यता, विज्ञापन और प्रकाशनों से जुड़े मामलों की भी गहन जांच की जा रही है।
सूत्रों का कहना है कि विभाग का उद्देश्य वास्तविक और नियमित रूप से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्रों एवं पत्रिकाओं को प्राथमिकता देना तथा सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग पर रोक लगाना है। यदि जांच में किसी भी संस्था द्वारा नियमों का उल्लंघन या गलत जानकारी देकर लाभ लेने के प्रमाण मिलते हैं तो उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।


