लखनऊ। उत्तर प्रदेश की बागवानी, कृषि निर्यात और आम उत्पादकों को वैश्विक मंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित उत्तर प्रदेश आम महोत्सव-2026 का शुभारंभ शुक्रवार को योगी आदित्यनाथ करेंगे। त्रिदिवसीय महोत्सव का आयोजन 3 से 5 जुलाई तक इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में किया जाएगा, जबकि 4 जुलाई को जन भवन में पहली बार आम क्रेता-विक्रेता सम्मेलन आयोजित होगा।
उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने पत्रकार वार्ता में बताया कि महोत्सव में 7 श्रेणियों और 56 वर्गों में लगभग 800 से अधिक आम की प्रजातियों का प्रदर्शन किया जाएगा। इस आयोजन में उत्तर प्रदेश के अलावा मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र के उद्यान विभागों के प्रतिनिधि, प्रगतिशील बागवान और निर्यातक भी भाग लेंगे।
महोत्सव में प्रदर्शित आम के पौधे बिक्री के लिए भी उपलब्ध रहेंगे। उद्यान मंत्री ने लोगों से अपील की कि वे महोत्सव से कम से कम एक पौधा खरीदकर उसका रोपण अवश्य करें, जिससे पर्यावरण संरक्षण और बागवानी को बढ़ावा मिल सके।
आयोजन में बच्चों के लिए आम खाने की प्रतियोगिता, आम से बने व्यंजनों की प्रतियोगिता तथा किसानों और बागवानों के लिए उन्नत बागवानी तकनीक, तुड़ाई उपरांत प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण तथा विपणन से संबंधित विशेष कार्यशालाएं भी आयोजित की जाएंगी। 4 जुलाई को आयोजित होने वाला क्रेता-विक्रेता सम्मेलन किसानों और निर्यातकों के बीच सीधा व्यापारिक संवाद स्थापित करने का मंच बनेगा।
उद्यान मंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश देश में आम उत्पादन में पहले स्थान पर है। प्रदेश में लगभग 3.27 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में 61.96 लाख मीट्रिक टन आम का उत्पादन होता है, जो देश के कुल आम उत्पादन का लगभग 26.22 प्रतिशत है। प्रदेश की दशहरी, लंगड़ा, चौसा, गौरजीत, लखनऊ सफेदा, रटौल और आम्रपाली जैसी प्रजातियां देश-विदेश में अपनी गुणवत्ता और स्वाद के लिए प्रसिद्ध हैं।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के आम और आम के पल्प के निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) के अनुसार वर्ष 2024-25 में 404 मीट्रिक टन आम एवं पल्प का 2.63 करोड़ रुपये मूल्य का निर्यात हुआ था, जबकि वर्ष 2025-26 में यह बढ़कर 3,563 मीट्रिक टन और 12.67 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। उत्तर प्रदेश का आम यूनाइटेड किंगडम, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, मलेशिया, सिंगापुर, कुवैत, न्यूजीलैंड, बेल्जियम, जापान, इटली, कतर और रूस सहित अनेक देशों में निर्यात किया जा रहा है।
प्रदेश सरकार ने आम के निर्यात को और गति देने के लिए लखनऊ, सहारनपुर, वाराणसी और अमरोहा में आधुनिक मैंगो पैक हाउस स्थापित किए हैं, जहां अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप आम की प्री-प्रोसेसिंग और उपचार किया जाता है। इसके अलावा जेवर एयरपोर्ट के निकट फलों की टेस्टिंग एवं ट्रीटमेंट सेंटर विकसित किया जा रहा है। किसानों को इस वर्ष लगभग 1.50 करोड़ फल बैग वितरित किए गए हैं तथा पुराने एवं अनुत्पादक आम के बागों के कैनोपी प्रबंधन के लिए 40 प्रतिशत तक अनुदान भी उपलब्ध कराया जा रहा है।


