लखनऊ: राजधानी लखनऊ (Lucknow) के पारा थाना क्षेत्र स्थित एक प्लाई फैक्ट्री (plywood factory) में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवक संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिला। मृतक की पहचान दीपू पाल निवासी काकोरी के रूप में हुई है। इस घटना के बाद फैक्ट्री परिसर में हड़कंप मच गया। घटना कि, खबर लगते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, पारा थाना क्षेत्र के पूर्वी दीन खेड़ा स्थित एक प्लाईवुड फैक्ट्री में सोमवार रात करीब 8 बजे एक कर्मचारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पारा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने फैक्ट्री में मौजूद लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है और मौत के कारणों की गहन जांच की जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कर्मचारी को कूलर से करंट लगा था, इसके बाद उसकी हालत गंभीर हो गई और घायल कर्मचारी को इलाज के लिए केजीएमयू अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के परिजनों ने भी आरोप लगाया है कि कर्मचारी की मौत फैक्ट्री में लगे कूलर में करंट आने से हुई।
फिलहाल युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। खबरों के मुताबिक, मृतक अपने परिवार का अकेला कमाने वाला सदस्य था। उसकी मौत होने के बाद दो मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है, जिससे पूरा परिवार गहरे सदमे में है। परिजनों ने फैक्ट्री प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
फैक्ट्री के अन्य कर्मचारियों ने भी प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि, फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाता और अक्सर शॉर्ट सर्किट की घटनाएं होती रहती हैं। कई बार प्रबंधन से कर्मचारियों ने सुरक्षा व्यवस्था सुधारने की मांग की थी, लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
पुलिस ने बताया कि, घटना कि खबर लगते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने घटनास्थल पर पुलिस बल भी तैनात किया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। परिजनों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।


