लखनऊ। उत्तर प्रदेश में ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। एक जुलाई से मनरेगा के स्थान पर ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी-जी राम जी)’ योजना लागू की जाएगी। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अधिकारियों को योजना के प्रभावी संचालन के निर्देश देते हुए इसे ग्रामीण भारत के विकास और आत्मनिर्भर गांवों के निर्माण की दिशा में ऐतिहासिक पहल बताया है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि नई योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को पहले की तुलना में अधिक रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। रोजगार की गारंटी अवधि 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है, जिससे ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि होगी और उनकी आजीविका को मजबूती मिलेगी। साथ ही गांवों में विकास कार्यों को भी नई गति मिलेगी।
उन्होंने बताया कि योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रदेश सरकार और ग्राम्य विकास विभाग ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। सभी जिलों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं, ताकि एक जुलाई से योजना का संचालन बिना किसी बाधा के शुरू हो सके।
सरकार का मानना है कि ‘वीबी-जी राम जी’ योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय स्तर पर आधारभूत विकास कार्यों में तेजी आएगी और प्रत्येक ग्रामीण परिवार को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का लक्ष्य पूरा होगा। प्रदेश सरकार का दावा है कि यह नई व्यवस्था गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ-साथ आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को भी नई गति प्रदान करेगी।


