फर्रुखाबाद। शहर में महिलाओं के लिए सार्वजनिक शौचालय और वाशरूम की कमी का मुद्दा एक बार फिर जोर-शोर से उठाया गया है। भारतीय महिला उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मुख्य बाजारों एवं सार्वजनिक स्थलों पर महिलाओं के लिए पर्याप्त संख्या में वाशरूम और यूरिनल स्थापित कराने की मांग की है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि जल्द इस दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की रणनीति अपनाई जाएगी।
संगठन का कहना है कि शहर के प्रमुख बाजारों, व्यावसायिक क्षेत्रों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर महिलाओं के लिए सार्वजनिक शौचालयों का अभाव है। इसका सबसे अधिक असर खरीदारी करने आने वाली महिलाओं, छात्राओं, बुजुर्गों तथा महिला व्यापारियों पर पड़ रहा है। उन्हें मजबूरी में काफी असुविधा का सामना करना पड़ता है, जो न केवल स्वास्थ्य बल्कि गरिमा और सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है।
ज्ञापन में कहा गया कि नगर पालिका द्वारा अब तक महिलाओं के लिए पर्याप्त सार्वजनिक यूरिनल और बाथरूम की व्यवस्था नहीं की गई है। कई स्थानों पर पुरुषों के लिए तो सुविधाएं उपलब्ध हैं, लेकिन महिलाओं के लिए ऐसी व्यवस्था न होने से उन्हें परेशानी झेलनी पड़ती है। संगठन ने मांग की कि शहर के प्रमुख चौराहों, बाजारों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन के आसपास तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों पर आधुनिक और स्वच्छ महिला वाशरूम स्थापित कराए जाएं तथा उनकी नियमित साफ-सफाई और रखरखाव की भी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
महिला जिला अध्यक्ष प्रीति तिवारी ने कहा कि महिलाओं की यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है और कई बार प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन ने जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं की तो संगठन महिलाओं के हित में आंदोलन करने को मजबूर होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
महिला व्यापार मंडल ने उम्मीद जताई कि जिलाधिकारी इस महत्वपूर्ण जनसमस्या को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश देंगे, ताकि महिलाओं को सम्मानजनक और सुरक्षित मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
सार्वजनिक स्थानों पर महिला वाशरूम की मांग तेज, कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी


