इस्लामाबाद में छतरी लिए दिखे पीएम शहबाज शरीफ
इस्लामाबाद। पश्चिम एशिया में हालिया तनाव और अमेरिका-ईरान युद्धविराम समझौते के बाद शुरू हुई नई कूटनीतिक हलचल के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन मंगलवार को एक दिवसीय दौरे पर पाकिस्तान पहुंचे। उनकी इस यात्रा को क्षेत्रीय राजनीति और मध्य पूर्व के बदलते समीकरणों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने उनका औपचारिक स्वागत किया।
ईरानी राष्ट्रपति की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम के बाद आगे की रणनीति को लेकर लगातार बातचीत चल रही है। माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच हुए समझौतों के क्रियान्वयन, क्षेत्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय हालात पर पाकिस्तान के साथ महत्वपूर्ण विमर्श किया गया है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची सहित वरिष्ठ अधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल भी इस दौरे में शामिल है। दोनों देशों के बीच ऊर्जा, व्यापार, सीमा सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह यात्रा केवल द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके दूरगामी प्रभाव पूरे मध्य पूर्व और दक्षिण एशिया की राजनीति पर पड़ सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार स्विट्जरलैंड में हुई वार्ताओं के बाद ईरानी नेतृत्व की यह पहली महत्वपूर्ण विदेश यात्रा है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस बात पर है कि पाकिस्तान और ईरान के बीच हुई बातचीत से क्षेत्रीय कूटनीति को कौन सी नई दिशा मिलती है।
रवाना होने से पहले राष्ट्रपति पेजेशकियन ने कहा था कि अंतरराष्ट्रीय समझौतों का सम्मान और उनका प्रभावी क्रियान्वयन क्षेत्रीय शांति के लिए आवश्यक है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि बातचीत तभी सफल मानी जाएगी जब सभी पक्ष अपनी प्रतिबद्धताओं का पूरी ईमानदारी से पालन करें।


