फर्रुखाबाद। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय में व्यवस्थाओं की पोल उस समय खुलती नजर आई, जब एक दिव्यांग व्यक्ति को अपना दिव्यांगता प्रमाण पत्र जमा करने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। पीड़ित का आरोप है कि कार्यालय में कोई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं था, जिसके चलते उसका कार्य समय पर नहीं हो सका।
जानकारी के अनुसार, एक दिव्यांग व्यक्ति अपना दिव्यांगता प्रमाण पत्र जमा करने के लिए सीएमओ कार्यालय पहुंचा था। पीड़ित का कहना है कि वह काफी देर तक कार्यालय परिसर में इंतजार करता रहा, लेकिन न तो मुख्य चिकित्सा अधिकारी मौजूद मिले और न ही कोई अन्य अधिकारी उसकी समस्या का समाधान करने के लिए उपलब्ध था।
पीड़ित ने बताया कि वह दो से तीन घंटे तक कार्यालय की सीढ़ियों पर बैठा रहा, लेकिन उसका प्रमाण पत्र जमा नहीं किया गया। भीषण गर्मी में लंबे समय तक इंतजार करने के बावजूद उसे निराशा हाथ लगी।
घटना ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और दिव्यांगजनों के प्रति संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकार द्वारा दिव्यांगजनों को बेहतर सुविधाएं और त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराने के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर सामने आई यह स्थिति उन दावों की वास्तविकता को दर्शाती है।
स्थानीय लोगों और पीड़ित ने मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने तथा दिव्यांगजनों के कार्यों के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।


