फर्रुखाबाद। आईटीआई पावर हाउस के पास स्थित कब्रिस्तान को नगर पालिका ने कथित तौर पर अस्थायी कूड़ाघर में तब्दील कर दिया है। नगर पालिका के ई-रिक्शा प्रतिदिन यहां कूड़ा लाकर डाल रहे हैं, जिससे पूरा क्षेत्र गंदगी, बदबू और अव्यवस्था का केंद्र बन गया है। हालात यह हैं कि कूड़े का ढेर आधी सड़क तक फैल जाता है और घंटों नहीं, बल्कि कई-कई दिनों तक वहीं पड़ा रहता है।
कब्रिस्तान के निकट स्थित विद्या मंदिर स्कूल 25 जून से खुलने जा रहा है। ऐसे में स्कूली बच्चों, अभिभावकों और राहगीरों की मुश्किलें बढ़ना तय माना जा रहा है। सड़क पर फैले कूड़े, टूटे कांच और अन्य अपशिष्ट सामग्री के कारण साइकिल, मोटरसाइकिल तथा पैदल चलने वालों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बदबू इतनी तेज है कि लोगों को अपनी सामान्य राह छोड़कर दूसरी ओर से निकलना पड़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि एक साफ-सुथरे और महत्वपूर्ण स्थान को कूड़े के ढेर में बदल दिया गया है। लोगों ने सवाल उठाया कि आखिर कब्रिस्तान जैसी धार्मिक और संवेदनशील जगह को कूड़ा डालने के लिए क्यों चुना गया? इससे धार्मिक भावनाएं भी आहत हो रही हैं।
जब कूड़ा डालने वाले कर्मचारियों से इस संबंध में बात की गई तो उनका कहना था कि उनका काम केवल यहां कूड़ा डालना है, उसे उठाने और आगे निस्तारण के लिए दूसरा विभाग या वाहन आता है। जब तक वह नहीं आता, तब तक कूड़ा यहीं पड़ा रहता है। नतीजतन सुबह से दोपहर तक सड़क पर कूड़े का अंबार और उससे उठती दुर्गंध लोगों की परेशानी का कारण बनी रहती है, दोपहर बाद कहीं कूड़ा उठाया जाता है लेकिन तब तक सभी नागरिकों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय लोगों ने नगर पालिका प्रशासन से तत्काल इस व्यवस्था को बंद करने, कब्रिस्तान परिसर को कूड़ामुक्त करने और वैकल्पिक स्थान पर कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो बरसात के मौसम में यहां संक्रमण और बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है।


