फर्रुखाबाद। जनपद में जमीन विवाद का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने रिश्तों के साथ-साथ दस्तावेजी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। शमसाबाद थाना क्षेत्र के किसरोली गांव निवासी धर्मेंद्र गंगवार ने अपने ही भाई पर कथित रूप से फर्जी एग्रीमेंट तैयार कर करोड़ों रुपये मूल्य की सड़क किनारे स्थित जमीन पर कब्जा करने और वहां पेट्रोल पंप स्थापित कराने का गंभीर आरोप लगाया है।
पीड़ित धर्मेंद्र गंगवार का दावा है कि विवादित भूमि में उनकी वैधानिक हिस्सेदारी है, लेकिन उनके कथित फर्जी हस्ताक्षर बनाकर एग्रीमेंट तैयार किया गया और उसी के आधार पर पेट्रोल पंप का निर्माण करा दिया गया। हैरत की बात यह है कि पूरा निर्माण और संचालन चलता रहा, जबकि उन्हें इसकी भनक तक नहीं लगी।
धर्मेंद्र के अनुसार जब उन्हें मामले की जानकारी हुई तो उन्होंने दस्तावेजों की जांच कराई। जांच में अनियमितताओं की आशंका सामने आने पर उन्होंने न्यायालय की शरण ली। मामला अदालत पहुंचने के बाद सुनवाई के दौरान न्यायालय ने प्रथम दृष्टया मामले को गंभीर मानते हुए संबंधित पेट्रोल पंप के संचालन पर रोक लगाने के निर्देश दिए, जिसके बाद पेट्रोल पंप बंद करा दिया गया।
यह मामला अब केवल पारिवारिक विवाद तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि एग्रीमेंट फर्जी था तो उसके आधार पर इतनी बड़ी व्यावसायिक गतिविधि कैसे संचालित होती रही। क्या दस्तावेजों की जांच में कहीं लापरवाही हुई या फिर पूरा मामला किसी बड़े खेल की ओर इशारा कर रहा है?
दोनों पक्ष अब न्यायालय में अपने-अपने दावे और साक्ष्य पेश कर रहे हैं। उधर क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों की नजरें अब अदालत के अंतिम फैसले पर टिकी हैं, क्योंकि निर्णय से यह स्पष्ट होगा कि विवादित जमीन का वास्तविक अधिकार किसके पास है और कथित फर्जीवाड़े के आरोपों में कितनी सच्चाई है।
फिलहाल जमीन, एग्रीमेंट और पेट्रोल पंप से जुड़ा यह विवाद शमसाबाद क्षेत्र में चर्चा का केंद्र बना हुआ है और न्यायालय के अंतिम आदेश का इंतजार किया जा रहा है।


