लखनऊ। उत्तर प्रदेश में शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों अभ्यर्थियों का इंतजार मंगलवार को समाप्त हो गया। राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा-2026 का परिणाम घोषित कर दिया। इस वर्ष वंदन सिंह ने पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल कर सफलता का परचम लहराया है। वहीं परिणामों में बेटियों का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला है। प्रदेश की शीर्ष-10 मेरिट सूची में 6 महिला अभ्यर्थियों ने स्थान बनाकर नारी शक्ति का दम दिखाया है।
इस वर्ष बीएड प्रवेश परीक्षा का आयोजन अत्याधुनिक तकनीक और कड़े सुरक्षा प्रबंधों के बीच कराया गया। परीक्षा प्रदेश के 72 जिलों में बनाए गए 1011 केंद्रों पर संपन्न हुई, जहां पहली बार कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित निगरानी और बायोमेट्रिक सत्यापन व्यवस्था लागू की गई। सरकार का दावा है कि इन व्यवस्थाओं के चलते परीक्षा पूरी तरह नकलविहीन और पारदर्शी तरीके से संपन्न हुई।
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने परिणाम घोषित होने पर सफल अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और पारदर्शी भर्ती प्रक्रियाओं के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने परीक्षा आयोजन में जुटे अधिकारियों और कर्मचारियों की भी सराहना की।
बीएड प्रवेश परीक्षा में इस बार अभ्यर्थियों का उत्साह भी देखने को मिला। कुल पंजीकृत अभ्यर्थियों में लगभग 90 प्रतिशत परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। उपस्थिति के मामले में कासगंज और पीलीभीत जिले प्रदेश में सबसे आगे रहे। परीक्षा परिणाम जारी होने के साथ ही 4 लाख से अधिक अभ्यर्थियों की रैंक सूची भी घोषित कर दी गई है।
अब अभ्यर्थियों की निगाहें काउंसलिंग प्रक्रिया पर टिकी हैं। उच्च शिक्षा विभाग जल्द ही काउंसलिंग का विस्तृत कार्यक्रम जारी करेगा, जिसके आधार पर अभ्यर्थियों को विभिन्न शिक्षण संस्थानों में प्रवेश दिया जाएगा। मेरिट और विकल्पों के आधार पर महाविद्यालय आवंटन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
शिक्षा जगत के विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार के परिणामों में छात्राओं का उत्कृष्ट प्रदर्शन प्रदेश में बढ़ती शैक्षिक जागरूकता और महिलाओं की शिक्षा के प्रति सकारात्मक माहौल को दर्शाता है। शीर्ष-10 में 6 महिलाओं का शामिल होना इस बात का संकेत है कि बेटियां अब हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं।
परिणाम घोषित होने के साथ ही लाखों अभ्यर्थियों के शिक्षक बनने के सपनों को नई उड़ान मिल गई है। अब काउंसलिंग और प्रवेश प्रक्रिया के बाद प्रदेश के शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालयों में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत होगी।


