मैनपुरी। अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे और दान राशि में कथित अनियमितताओं को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में घमासान तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी की मैनपुरी सांसद डिंपल यादव ने इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी की केंद्र और प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सरकार इस पूरे मामले को दबाने का प्रयास कर रही थी। उन्होंने कहा कि यदि समाजवादी पार्टी और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव इस मुद्दे को मजबूती से न उठाते, तो मामला जनता के सामने नहीं आ पाता।
मीडिया से बातचीत के दौरान डिंपल यादव ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और उससे जुड़े किसी भी मामले में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि चढ़ावे और दान राशि में कथित गड़बड़ियों की खबरें सामने आने के बावजूद सरकार ने लंबे समय तक कोई स्पष्ट कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि जब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस विषय को प्रमुखता से उठाया और सवाल किए, तब जाकर जांच एजेंसियां सक्रिय हुईं और मामले में कार्रवाई शुरू हुई।सांसद ने भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कई महत्वपूर्ण मामलों में संवैधानिक व्यवस्था और नियमों की अनदेखी की जा रही है। उनका आरोप था कि जनता से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही और पारदर्शिता कम होती जा रही है, जबकि सरकार आलोचना से बचने का प्रयास करती है।डिंपल यादव ने कहा कि राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं का प्रतीक है। ऐसे में मंदिर से जुड़े आर्थिक मामलों में किसी भी प्रकार की अनियमितता की निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की पारदर्शी जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि जनता का विश्वास कायम रहे।गौरतलब है कि हाल के दिनों में राम मंदिर के चढ़ावे और दान राशि को लेकर सामने आए विवाद तथा संदिग्ध व्यक्तियों के ठिकानों पर हुई छापेमारी के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। समाजवादी पार्टी लगातार इस मुद्दे को उठाकर सरकार को घेर रही है, जबकि भाजपा की ओर से विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक प्रेरित बताया जा रहा है।


