– 12 हेक्टेयर में बनेंगी 6 विशेष वाटिकाएं, नक्षत्र, नवग्रह, औषधि वाटिका होंगी मुख्य आकर्षण
– ‘अमर बलिदानी वाटिका’ में देश के शहीद जवानों की याद में लगेंगे पौधे
– कुल 7200 पौधे रोपे जाएंगे, पक्षियों- तितलियों का बनेगा अनुकूल ईको-सिस्टम
– पर्यावरण संरक्षण के लिए योगी सरकार का आगरा मंडल में अनूठा कदम
मथुरा, 16 जून। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के लिए लगातार बड़े कदम उठा रही है। इसी कड़ी में कान्हा की नगरी मथुरा में सामाजिक वानिकी प्रभाग एक अभिनव कार्य करने जा रहा है। मथुरा में हाईवे किनारे बाद गांव स्थित सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की 12 हेक्टेयर भूमि पर एक वृहद जैव विविधता क्षेत्र विकसित किया जाएगा। इसके लिए बीएसएफ और वानिकी विभाग के बीच 10 वर्ष का करार हुआ है। इस पूरे क्षेत्र में दो-दो हेक्टेयर की छह विशेष वाटिकाएं बनाई जाएंगी, जिनमें कुल 7200 पौधे रोपे जाएंगे। सुरक्षा के लिए इन वाटिकाओं की तारों से फेंसिंग भी कराई जाएगी।
नक्षत्र, नवग्रह और राशि के अनुसार रोपे जाएंगे पौधे
इस जैव विविधता क्षेत्र में ‘नक्षत्र-नवग्रह-राशि वाटिका’ लोगों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र होगी। यहां ग्रहों की शांति और अनुकूल फल की प्राप्ति के लिए विशेष पौधे लगाए जाएंगे। सूर्य के लिए मदार, चंद्रमा के लिए पलाश, बृहस्पति के लिए पीपल, शुक्र के लिए गूलर और शनि के लिए शमी जैसे नवग्रह पौधे रोपे जाएंगे। इसके साथ ही सभी 12 राशियों (जैसे मेष के लिए लाल चंदन, वृषभ के लिए गूलर) और 27 नक्षत्रों के प्रतिनिधि पौधे भी इस वाटिका में लगेंगे, जो भारतीय संस्कृति और वनस्पति विज्ञान का अनूठा संगम होगा।
‘अमर बलिदानी’ और ‘बीएसएफ’ वाटिका में जवान करेंगे पौधरोपण
देश की रक्षा करने वाले वीरों के सम्मान में यहां ‘बीएसएफ’ और ‘अमर बलिदानी’ वाटिका भी विकसित की जाएगी। बीएसएफ वाटिका में सुरक्षा बल के जवान अपने नाम से पौधे रोपेंगे और खुद उनकी देखभाल करेंगे। वहीं देश के लिए प्राण न्योछावर करने वाले वीरों की याद में ‘अमर बलिदानी वाटिका’ में शहीद जवानों के परिजनों द्वारा पौधे रोपे जाएंगे।
औषधीय और श्रीकृष्ण की प्रिय प्रजातियों से महकेगी वाटिका
स्वास्थ्य और आध्यात्म को ध्यान में रखते हुए इस क्षेत्र में ‘औषधि वाटिका’ तैयार की जाएगी, जिसमें नीम, अर्जुन, आंवला, बेल, अमलतास, तुलसी और घृतकुमारी (एलोवेरा) जैसे पौधे लगेंगे। इसके अलावा, भगवान कृष्ण की नगरी होने के कारण यहां ‘श्रीकृष्ण वाटिका’ भी बनेगी, जिसमें कान्हा की प्रिय प्रजातियां जैसे कदंब, टेर, पीलू और बरगद के पौधे लगाए जाएंगे। वहीं, ‘वंदे मातरम वाटिका’ में राष्ट्रीय और राजकीय महत्व के पौधे रोपे जाएंगे।
पक्षियों और तितलियों को आकर्षित करेगा जैव विविधता क्षेत्र
यह आगरा मंडल का ऐसा पहला जैव विविधता क्षेत्र होगा, जहां जलवायु के अनुकूल पौधों के साथ-साथ नाशपाती और चीकू जैसे पौधे दूसरे जिलों से मंगाकर लगाए जाएंगे। यह वाटिका केवल पेड़-पौधों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यहां फल-फूल के ऐसे पौधे लगाए जाएंगे जो चिड़ियों, तितलियों और अन्य पक्षियों को आकर्षित कर सकें, ताकि एक बेहतरीन प्राकृतिक ईको सिस्टम तैयार हो सके।
इस विशेष पहल पर सामाजिक वानिकी प्रभाग, मथुरा के प्रभागीय निदेशक वेंकट श्रीकर पटेल ने बताया कि बीएसएफ द्वारा 12 हेक्टेयर भूमि वानिकी विभाग को वाटिका बनाने के लिए दी गई है। इसे जैव विविधता नाम दिया जाएगा। इसके अंदर छह वाटिकाएं होंगी, जहां हर प्रजाति के पौधे रोपे जाएंगे। ये वाटिकाएं पूरे क्षेत्र के लिए एक बड़ा आकर्षण का केंद्र होंगी।


