शाहजहाँपुर, 15 जून 2026। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत कार्यरत कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) द्वारा आज विकास भवन, शाहजहाँपुर में “क्षमता निर्माण एवं जागरूकता कार्यक्रम” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों, एफपीओ, उद्यमियों एवं अन्य हितधारकों को कृषि निर्यात के अवसरों, गुणवत्ता मानकों तथा एपीडा की विभिन्न योजनाओं के बारे में जागरूक करना था।
कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. सुधांशु, सचिव, एपीडा उपस्थित रहे। कार्यक्रम की जिलाधिकारी, धर्मेंद्र प्रताप सिंह अध्यक्षता में मुख्य विकास अधिकारी उत्कर्ष द्विवेदी की उपस्थित में आयोजित किया गया।
अपने संबोधन में डॉ. सुधांशु जी ने बताया कि एपीडा द्वारा किसानों, एफपीओ एवं निर्यातकों को वैश्विक बाजारों से जोड़ने हेतु अनेक महत्वपूर्ण पहलें की जा रही हैं। “भारती कार्यक्रम” के माध्यम से उद्यमियों को निर्यातोन्मुख कृषि, गुणवत्ता उत्पादन एवं बाजार संपर्क के लिए सशक्त बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी अवगत कराया कि माननीय राज्य मंत्री (वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय) जितिन प्रसाद के मार्गदर्शन में पीलीभीत में “बासमती एवं ऑर्गेनिक प्रशिक्षण केंद्र सह प्रदर्शन फार्म” की स्थापना की जा रही है, जो किसानों के लिए आधुनिक तकनीकों एवं प्रशिक्षण का उत्कृष्ट केंद्र बनेगा। डॉ. सुधांशु जी ने बताया कि उत्तर प्रदेश में आम निर्यात को बढ़ावा देने हेतु आधुनिक मैंगो पैकहाउस अवसंरचनाएं विकसित की गई हैं। साथ ही एपीडा की वित्तीय सहायता योजना (Financial Assistance Scheme) , जिससे उद्यमियों, एफपीओ, उत्पादक संगठनों एवं निर्यातकों को अवसंरचना विकास, गुणवत्ता संवर्धन, पैकेजिंग, ब्रांडिंग एवं बाजार विकास के लिए और अधिक सहायता प्राप्त कर सकते हैं
कार्यक्रम के दौरान एपीडा के आलोक मिश्रा द्वारा कृषि निर्यात के अवसरों, एपीडा की विभिन्न योजनाओं, निर्यात अवसंरचना विकास, वित्तीय सहायता तथा किसानों, एफपीओ एवं उद्यमियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। तत्पश्चात Dr रितेश शर्मा, संयुक्त निदेशक, बासमती निर्यात विकास प्रतिष्ठान (BEDF) द्वारा BEDF की गतिविधियों एवं निर्यात संवर्धन मिशन पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। उन्होंने प्रतिभागियों को BEDF की अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं में उपलब्ध डीएनए परीक्षण, कीटनाशक अवशेष (Pesticide Residue) परीक्षण, भारी धातु (Heavy Metals) परीक्षण तथा अन्य गुणवत्ता परीक्षण सुविधाओं के बारे में भी अवगत कराया, जिससे निर्यात गुणवत्ता मानकों के अनुरूप कृषि उत्पादों की जांच एवं प्रमाणन सुनिश्चित किया जा सके।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों के विशेषज्ञों द्वारा किसानों एवं एफपीओ प्रतिनिधियों को विभागीय नीतियों, योजनाओं एवं सुविधाओं की जानकारी प्रदान की गई। सोम पाल सिंह ने कृषि विपणन विभाग की योजनाओं एवं विपणन सुविधाओं पर प्रकाश डाला। डॉ. एन.पी. गुप्ता ने उन्नत कृषि तकनीकों एवं किसान प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी दी। विक्रम बाजपेयी, सचिव, मंडी समिति जलालाबाद ने मंडी व्यवस्थाओं एवं किसानों हेतु उपलब्ध सुविधाओं के बारे में बताया। वहीं प्रवेश गंगवार ने नाबार्ड द्वारा संचालित एफपीओ संवर्धन, कृषि अवसंरचना विकास एवं वित्तीय सहायता योजनाओं की जानकारी साझा की आर.पी.राणा,जिला भूमि संरक्षण अधिकारी, ने कृषि विभाग द्वारा किसानों के कल्याण हेतु संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों की ओर से राकेश कुमार पाण्डेय, निदेशक, गंगा भूमि सीड्स प्रोडक्शन कंपनी (एफपीओ) ने जनपद में कृषि निर्यात को बढ़ावा देने हेतु स्थानीय आवश्यकताओं एवं संभावनाओं के अनुरूप तैयार एक 6-सूत्रीय ज्ञापन माननीय सचिव, एपीडा, भारत सरकार को सौंपा। ज्ञापन में जनपद में निर्यातोन्मुख कृषि अवसंरचना के विकास, किसानों एवं एफपीओ के क्षमता निर्माण, गुणवत्ता परीक्षण सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण तथा निर्यात संवर्धन से संबंधित विभिन्न मांगों को शामिल किया गया
कार्यक्रम में प्रतिभागियों के रूप में श्री शमशेर सिंह (आसल उत्तर एफपीओ), निलय शुक्ला (एफपीओ काउंसलर), संत कुमार (प्रगतिशील किसान) तथा मेसर्स एल.टी. ओवरसीज़ कंपनी लिमिटेड के प्रतिनिधियों ने अपने विचार व्यक्त किए तथा जनपद में कृषि निर्यात की संभावनाओं एवं चुनौतियों पर चर्चा की। कार्यक्रम में 100 से अधिक एफपीओ, किसान उत्पादक संगठन, उद्यमियों एवं औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के अंत में नेत्रपाल शर्मा द्वारा उपस्थित सभी अधिकारियों, अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।


