लखनऊ। ग्रीष्मकालीन अवकाश समाप्त होने के बाद प्रदेश के परिषदीय विद्यालय 16 जून से खुलने जा रहे हैं, लेकिन बड़ी संख्या में शिक्षक और शिक्षामित्र अभी भी जनगणना कार्य में व्यस्त हैं। ऐसे में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। शिक्षक संगठनों ने विद्यालयों का अवकाश एक सप्ताह बढ़ाने की मांग उठाई है, ताकि जनगणना और स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियमित शिक्षण कार्य शुरू कराया जा सके।
प्रदेश में 22 मई से चल रही जनगणना प्रक्रिया 20 जून तक जारी रहेगी। शिक्षकों का कहना है कि लगभग 90 प्रतिशत शिक्षक और शिक्षामित्र इस कार्य में लगे हुए हैं। कई शिक्षकों की ड्यूटी उनके विद्यालयों से अलग क्षेत्रों में लगाई गई है, जिससे विद्यालय खुलने के बाद कक्षाओं के संचालन पर सवाल खड़े हो गए हैं। कई शिक्षक अभी तक जनगणना से संबंधित नक्शे और अन्य अभिलेख भी जमा नहीं कर पाए हैं।
इधर, बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा विशेष आवश्यकता वाले शिक्षकों के अंतरजनपदीय स्थानांतरण की प्रक्रिया भी संचालित की जा रही है, जिसके लिए 20 जून तक आवेदन मांगे गए हैं। शिक्षक संगठनों का कहना है कि स्थानांतरण और जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के बीच विद्यालय खोलने से शिक्षण व्यवस्था प्रभावित होगी।
हालांकि, विभाग की ओर से अभी तक विद्यालय खुलने की निर्धारित तिथि में किसी प्रकार के बदलाव के संकेत नहीं दिए गए हैं। ऐसे में 16 जून से विद्यालय खुलने की तैयारी जारी है, जबकि शिक्षक संगठनों की मांग और प्रशासनिक चुनौतियों के कारण स्थिति पर सभी की नजर बनी हुई है।


