लखनऊ। समाजवादी पार्टी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पुत्री अदिति यादव को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं और टिप्पणियों के बीच भाजपा नेता विश्वास गुप्ता ने मर्यादित राजनीतिक संवाद की अपील की है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन किसी भी नेता के परिवार और विशेषकर घर की बेटियों को राजनीतिक हमलों का निशाना बनाना उचित नहीं है।
विश्वास गुप्ता ने कहा कि वह भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा से जुड़े हैं और राजनीतिक रूप से विपक्षी दलों की नीतियों का विरोध करते हैं, लेकिन लोकतंत्र में विरोध का आधार विचारधारा, नीतियां और जनहित के मुद्दे होने चाहिए, न कि किसी का निजी जीवन या पारिवारिक संबंध।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर अदिति यादव को लेकर जिस प्रकार की अफवाहें और व्यक्तिगत टिप्पणियां की जा रही हैं, वह भारतीय संस्कृति और सामाजिक मूल्यों के अनुरूप नहीं हैं। किसी भी बेटी के सम्मान को राजनीतिक विवाद का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए।
भाजपा नेता ने कहा कि एक ओर समाज “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” जैसे अभियानों की बात करता है और दूसरी ओर राजनीतिक मतभेदों के कारण बेटियों को निशाना बनाया जाता है, यह दोहरा रवैया स्वीकार्य नहीं हो सकता। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों के समर्थकों से सोशल मीडिया पर संयम और जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करने की अपील की।
विश्वास गुप्ता ने कहा कि लोकतंत्र में आलोचना का अधिकार सभी को है, लेकिन यह आलोचना तथ्यों, नीतियों और कार्यों तक सीमित रहनी चाहिए। किसी के निजी जीवन में दखल देना या परिवार को राजनीतिक बहस का हिस्सा बनाना स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपरा नहीं है।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों के बीच वैचारिक संघर्ष चलता रहेगा, लेकिन सामाजिक मर्यादा और महिलाओं के सम्मान के मुद्दे पर सभी को एकमत होना चाहिए। राजनीति में असहमति हो सकती है, लेकिन बेटियों के सम्मान पर कोई समझौता नहीं होना चाहिए।


