– रामकथा मंच से मुख्यमंत्री योगी का बड़ा संदेश
लखनऊ। राजधानी में आयोजित जगद्गुरु रामाभद्राचार्य की श्रीरामकथा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहुंचकर प्रभु श्रीराम के आदर्शों, भारतीय संस्कृति और नारी सम्मान पर अपने विचार रखे। उनके संबोधन ने उपस्थित श्रद्धालुओं और संत समाज का विशेष ध्यान आकर्षित किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक पहचान केवल भौगोलिक सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह करोड़ों लोगों की आस्था, संस्कार और जीवन मूल्यों में बसती है। उन्होंने कहा, “जिसके डीएनए में भारत और मन में श्रीराम हैं, वही भारतीय संस्कृति की वास्तविक भावना को समझ सकता है।”
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जीवन को आदर्श शासन, सामाजिक समरसता और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि श्रीराम का चरित्र आज भी समाज को सत्य, त्याग और लोककल्याण का मार्ग दिखाता है।
नारी गरिमा के विषय पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में महिलाओं को सदैव सम्मान और सर्वोच्च स्थान दिया गया है। उन्होंने कहा कि किसी भी सभ्य समाज की पहचान उसकी मातृशक्ति के प्रति सम्मान से होती है और भगवान श्रीराम का जीवन भी इस आदर्श का संदेश देता है।
कार्यक्रम के दौरान संत समाज और श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या मौजूद रही। जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने भी भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और रामकथा के महत्व पर प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री के संबोधन के बाद पूरे पंडाल में जय श्रीराम के उद्घोष गूंज उठे।


