फर्रुखाबाद। रेलवे पेंशनर्स एसोसिएशन की मासिक बैठक फतेहगढ़ स्थित मजदूर यूनियन कार्यालय के सभागार में आयोजित की गई। बैठक में रेलवे पेंशनर्स की विभिन्न समस्याओं और मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई तथा उनके समाधान के लिए संगठनात्मक स्तर पर आवाज बुलंद करने का निर्णय लिया गया।
बैठक की अध्यक्षता संगठन के अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह यादव ने की, जबकि संचालन रामकुमार तिवारी ने किया। इस दौरान वक्ताओं ने रेलवे प्रशासन द्वारा सेवार्थ एवं मानार्थ पासों को ऑनलाइन जारी करने की व्यवस्था पर कड़ा विरोध जताया। उनका कहना था कि बड़ी संख्या में वरिष्ठ पेंशनर्स डिजिटल प्रणाली का सहज उपयोग नहीं कर पाते हैं, जिससे उन्हें अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए मानार्थ एवं सेवार्थ पास पूर्व की भांति मैन्युअल प्रणाली से ही जारी किए जाने चाहिए।
बैठक में निर्णय लिया गया कि शीघ्र ही लखनऊ में आयोजित होने वाली रेलवे पेंशनर्स की महत्वपूर्ण बैठक में संगठन का एक प्रतिनिधिमंडल भाग लेगा। इस बैठक में उपस्थित होने वाले वरिष्ठ रेलवे अधिकारियों को पेंशनर्स की समस्याओं और मांगों से संबंधित एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा जाएगा।
ज्ञापन में प्रमुख रूप से पारिवारिक पेंशन को 50 प्रतिशत किए जाने, पेंशन की गणना में सुधार करते हुए इसे 50 प्रतिशत के स्थान पर 60 प्रतिशत करने, मानार्थ पासों को पुनः मैन्युअल व्यवस्था के तहत जारी करने सहित पेंशनर्स से जुड़े अन्य लंबित मामलों के समाधान की मांग उठाई जाएगी।
वक्ताओं ने कहा कि रेलवे पेंशनर्स ने अपने जीवन का महत्वपूर्ण समय रेलवे सेवा को दिया है, इसलिए उनकी सुविधाओं और अधिकारों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए। संगठन लगातार पेंशनर्स के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष करता रहेगा और आवश्यक होने पर व्यापक आंदोलन भी किया जाएगा।
बैठक में उपस्थित सदस्यों ने एक स्वर में कहा कि यदि उनकी जायज मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले समय में संगठन प्रदेश स्तर पर आंदोलन की रणनीति भी तैयार करेगा। अंत में पेंशनर्स की समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग करते हुए बैठक का समापन किया गया।
रेलवे पेंशनर्स ने ऑनलाइन पास व्यवस्था का किया विरोध, लखनऊ में वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपेंगे ज्ञापन


