5 जून को होगी बहस
सुल्तानपुर। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और रायबरेली से सांसद राहुल गाँधी के खिलाफ चल रहे मानहानि मामले में नया कानूनी मोड़ आ गया है। स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट ने वॉयस सैंपल संबंधी विवाद पर दाखिल रिवीजन याचिका की सुनवाई करते हुए निचली अदालत की संपूर्ण पत्रावली तलब कर ली है। मामले में अगली सुनवाई 5 जून को होगी, जिस पर राजनीतिक और कानूनी हलकों की नजरें टिकी हुई हैं।
यह मामला वर्ष 2018 में अमित शाह के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़ा है। भाजपा नेता एवं जिला सहकारी बैंक के पूर्व चेयरमैन विजय मिश्र ने राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का परिवाद दायर किया था। आरोप है कि राहुल गांधी ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में अमित शाह को लेकर विवादित टिप्पणी की थी।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान वादी पक्ष ने अदालत में एक प्रार्थना पत्र देकर राहुल गांधी के वॉयस सैंपल और न्यायालय में प्रस्तुत ऑडियो सीडी में दर्ज आवाज का फोरेंसिक परीक्षण कराने की मांग की थी। वादी पक्ष का तर्क था कि मामले के निष्पक्ष निस्तारण के लिए वैज्ञानिक जांच आवश्यक है। हालांकि निचली अदालत ने इस मांग को खारिज कर दिया था।निचली अदालत के आदेश से असंतुष्ट वादी पक्ष ने स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट में रिवीजन याचिका दाखिल की। शनिवार को हुई सुनवाई के दौरान एडीजे राकेश की अदालत ने मामले की गहन समीक्षा के लिए लोअर कोर्ट से पूरी पत्रावली मंगाने का आदेश दिया। अदालत अब यह तय करेगी कि वॉयस सैंपल और ऑडियो मिलान संबंधी अर्जी को खारिज करने का निर्णय विधिसम्मत था या नहीं।


