आगरा
आगरा-अलीगढ़-ऋषिकेश मार्ग पर संचालित उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की एक रोडवेज बस में ड्यूटी के दौरान गंभीर लापरवाही सामने आई है। जांच के दौरान पाया गया कि बस की ड्यूटी स्लिप में दो चालकों के नाम दर्ज थे, लेकिन मौके पर केवल एक चालक ही बस चलाता मिला। इस मामले की रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दी गई है और जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। परिवहन विभाग की इस लापरवाही ने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार फाउंड्री नगर डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक दिनेश कुमार और सहायक यातायात निरीक्षक नवल किशोर की संयुक्त टीम ने खंदौली स्थित बरौस टोल प्लाजा के पास बस संख्या यूपी-78 जेटी-3973 की जांच की। जांच के दौरान बस में केवल चालक तालेवर सिंह मौजूद मिले, जबकि ड्यूटी स्लिप में नियमित चालक जगन्नाथ सिंह का नाम भी दर्ज था। निरीक्षण के समय जगन्नाथ सिंह बस में मौजूद नहीं थे। बस में संविदा परिचालक नवनीत पचौरी ड्यूटी पर तैनात पाए गए। अधिकारियों ने मामले को गंभीर मानते हुए इसकी रिपोर्ट क्षेत्रीय प्रबंधक बीपी अग्रवाल को भेज दी है।
सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक दिनेश कुमार ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और जिम्मेदारी तय होने के बाद संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि लंबी दूरी की बसों में दो चालकों की व्यवस्था यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए की जाती है, ताकि चालक थकान का शिकार न हों और दुर्घटनाओं से बचा जा सके। ऐसे में एक चालक का अनुपस्थित रहना नियमों का उल्लंघन माना जा रहा है। विभाग अब यह भी जांच करेगा कि चालक बिना सूचना ड्यूटी से क्यों गायब था और बस को एक ही चालक के भरोसे कैसे चलाया गया।
यह पहली बार नहीं है जब रोडवेज संचालन में लापरवाही सामने आई हो। इससे पहले अप्रैल महीने में फोर्ट डिपो की एक बस में बिना परिचालक बस चलाने और यात्रियों से किराया लेकर टिकट न देने का मामला पकड़ा गया था। उस मामले में चालक की संविदा समाप्त कर उसकी जमानत राशि जब्त कर ली गई थी, जबकि परिचालक को कार्यमुक्त कर दिया गया था। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं से परिवहन निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं और यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है।


