लखनऊ।
संजय सिंह ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए उसे “देश की सबसे बड़ी पिछड़ा विरोधी पार्टी” करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में सरकार बनने के बाद भाजपा ने पिछड़ा वर्ग का आरक्षण 17 प्रतिशत से घटाकर 7 प्रतिशत कर दिया। उनके इस बयान के बाद आरक्षण और सामाजिक न्याय का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है।
संजय सिंह ने कहा कि देश के दलित, पिछड़े और आदिवासी समाज को एकजुट होने की जरूरत है। उनका दावा है कि यदि वंचित वर्ग संगठित नहीं हुआ, तो भाजपा पूरे देश में आरक्षण व्यवस्था को कमजोर करने की दिशा में काम कर सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सामाजिक न्याय की लड़ाई को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।
आम आदमी पार्टी नेता का यह बयान ऐसे समय आया है, जब देश में जातीय जनगणना, ओबीसी आरक्षण और सामाजिक प्रतिनिधित्व जैसे मुद्दों पर राजनीतिक माहौल लगातार गर्म बना हुआ है। विपक्षी दल भाजपा को आरक्षण के मुद्दे पर घेरने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि भाजपा खुद को पिछड़ों और वंचित वर्गों की हितैषी पार्टी बताती रही है।
पश्चिम बंगाल में ओबीसी आरक्षण को लेकर पहले भी विवाद और कानूनी बहस हो चुकी है। अदालत के फैसलों और नई अधिसूचनाओं के बाद आरक्षण व्यवस्था में बदलाव किए गए थे, जिसे लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले चुनावों में आरक्षण, सामाजिक न्याय और पिछड़ा वर्ग की राजनीति अहम मुद्दा बन सकती है। ऐसे बयानों से राजनीतिक ध्रुवीकरण और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।


