मुजफ्फरपुर: मुजफ्फरपुर (Muzaffarpur) जिले में पुलिस और राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (NCB) की संयुक्त कार्रवाई में शराब तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। सरकार की शराबबंदी नीति को सख्ती से लागू करने के उद्देश्य से की गई इस छापेमारी में भारी मात्रा में अवैध विदेशी शराब (illegal foreign liquor) के साथ कई लग्जरी गाड़ियां जब्त की गई हैं। हालांकि, पुलिस की भनक लगते ही तस्कर मौके से भागने में सफल रहे, जिनकी गिरफ्तारी के लिए सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
यह पूरी कार्रवाई पटना स्थित राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो से मिली एक बेहद सटीक और गोपनीय सूचना के आधार पर शुरू हुई। ब्यूरो को इनपुट मिला था कि मुजफ्फरपुर के हथौड़ी थाना क्षेत्र में विदेशी शराब की एक बहुत बड़ी खेप उतारी जा रही है। इस संवेदनशील जानकारी को बिना समय गंवाए मुजफ्फरपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कांतेश कुमार मिश्रा के साथ साझा किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने तत्काल प्रतिक्रिया दी और त्वरित कार्रवाई के लिए एक विशेष पुलिस टीम का गठन कर छापेमारी के कड़े निर्देश जारी किए।
एसएसपी द्वारा गठित विशेष पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हथौड़ी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले भदई गाछी इलाके में घेराबंदी की। जैसे ही पुलिस की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, वहां गाड़ियों से शराब के कार्टन अनलोड कर रहे तस्करों के बीच हड़कंप मच गया। खुद को पुलिस से घिरा देख तस्कर अपने वाहनों और शराब की खेप को वहीं छोड़कर भागने लगे। पुलिस कर्मियों ने पीछा भी किया, लेकिन इलाके में मौजूद घने जंगल और झाड़ियों का फायदा उठाकर सभी आरोपी अंधेरे में गायब होने में सफल रहे। फिलहाल पुलिस तकनीकी सेल की मदद से उनके संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
पुलिस ने जब घटना स्थल की सघन तलाशी ली, तो वहां से कुल 3389.4 लीटर अवैध विदेशी शराब बरामद की गई। इसके साथ ही तस्करी के खेल में शामिल 5 गाड़ियां भी जब्त की गईं, जिनका विवरण इस प्रकार है:
- एक विशाल ट्रक: इसका उपयोग शराब की मुख्य और बड़ी खेप को अंतरराज्यीय या अंतरजिला सीमाओं से पार कराने के लिए किया गया था।
- महिंद्रा थार: इस बेहद महंगी और लग्जरी एसयूवी का इस्तेमाल तस्करों द्वारा मुख्य रूप से पुलिस की गतिविधियों की रेकी करने या सुरक्षित एस्कॉर्ट के लिए किया जा रहा था।
- एक पिकअप वैन: शुरुआती जांच में यह गाड़ी मुजफ्फरपुर के कुढ़नी इलाके की एक फर्नीचर दुकान से जुड़ी पाई गई है।
- दो कारें (डिजायर समेत): इन दोनों यात्री कारों के भीतर भारी मात्रा में शराब के कार्टन ठूंस-ठूंस कर लदे हुए थे, जिन्हें स्थानीय स्तर पर सप्लाई किया जाना था।
मामले की पुष्टि करते हुए एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि शराब माफिया पुलिस चेकिंग से बचने के लिए बेहद शातिराना हथकंडे अपना रहे थे। वे सड़कों पर संदेह से बचने के लिए वीआईपी नंबर प्लेट वाली महंगी और लग्जरी गाड़ियों का इस्तेमाल कर रहे थे ताकि आम चेकिंग के दौरान पुलिस को उन पर शक न हो। पुलिस अब जब्त की गई कुढ़नी की फर्नीचर दुकान वाली पिकअप वैन और अन्य कारों के नंबरों के जरिए उनके असली मालिकों का पता लगाने में जुटी है।
इस बड़ी बरामदगी के बाद हथौड़ी थाने में उत्पाद अधिनियम और शराबबंदी कानून की सुसंगत व कड़ी धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस की टेक्निकल सेल और स्थानीय खुफिया तंत्र (लोकल इनपुट) के जरिए फरार शराब माफियाओं को चिन्हित करने का काम युद्ध स्तर पर जारी है। मुजफ्फरपुर पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जिले में मद्यनिषेध कानून को शत-प्रतिशत लागू किया जाएगा और इस काले कारोबार में शामिल किसी भी रसूखदार व्यक्ति या माफिया को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।


