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Wednesday, May 13, 2026

दिल्ली में ट्रैफिक चालान सिस्टम हुआ हाईटेक, अब OTP वेरिफिकेशन के बाद ही कटेगा चालान

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नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के लिए अब बच निकलना आसान नहीं होगा। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस (Delhi Traffic Police) ने चालान सिस्टम (challan system) में बड़ा बदलाव करते हुए नया OTP बेस्ड वेरिफिकेशन सिस्टम लागू किया है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य गलत मोबाइल नंबर देकर कार्रवाई से बचने वाले लोगों पर रोक लगाना और सही व्यक्ति तक चालान एवं नोटिस पहुंचाना है। जानकारी के मुताबिक, अब ट्रैफिक नियम उल्लंघन के दौरान वाहन चालक द्वारा दिए गए मोबाइल नंबर का OTP के जरिए सत्यापन किया जाएगा। नंबर सत्यापित होने के बाद ही उसे रिकॉर्ड में दर्ज किया जाएगा। इससे फर्जी या गलत नंबर देने की संभावना काफी हद तक कम हो जाएगी।

दरअसल, लंबे समय से ऐसी शिकायतें सामने आ रही थीं कि कई लोग ट्रैफिक पुलिस को गलत मोबाइल नंबर दे देते थे। इसकी वजह से चालान या नोटिस किसी दूसरे व्यक्ति तक पहुंच जाता था या फिर वास्तविक वाहन मालिक तक समय पर सूचना नहीं पहुंच पाती थी। सोशल मीडिया और Reddit जैसे प्लेटफॉर्म पर भी लोगों ने ऐसी समस्याओं को लेकर शिकायतें साझा की थीं। नए नियम के तहत अब ट्रैफिक पुलिस द्वारा चालान जारी करने से पहले वाहन चालक के मोबाइल नंबर का OTP के जरिए सत्यापन किया जाएगा। नई व्यवस्था के अनुसार, जब कोई ट्रैफिक नियम उल्लंघन का मामला सामने आएगा, तब संबंधित मोबाइल नंबर पर एक OTP भेजा जाएगा। OTP वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद ही चालान की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। यदि OTP सत्यापित नहीं होता है, तो चालान जारी नहीं किया जाएगा।

ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, जब कोई अधिकारी वाहन चालक का मोबाइल नंबर सिस्टम में दर्ज करेगा, तब उस नंबर पर एक OTP भेजा जाएगा। चालक द्वारा OTP दर्ज कर नंबर वेरिफाई करने के बाद ही ई-चालान की प्रक्रिया पूरी होगी। यदि OTP वेरिफिकेशन फेल हो जाता है, तो चालान जारी नहीं किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य गलत मोबाइल नंबर, फर्जी जानकारी और सिस्टम से जुड़ी गड़बड़ियों को कम करना है। लंबे समय से ऐसी शिकायतें सामने आ रही थीं कि कई लोग जानबूझकर गलत नंबर दे देते थे, जिसके कारण चालान किसी दूसरे व्यक्ति तक पहुंच जाता था या वास्तविक वाहन मालिक को समय पर जानकारी नहीं मिल पाती थी।

दरअसल, पहले कई लोग चालान से बचने के लिए ट्रैफिक पुलिस को गलत मोबाइल नंबर दे देते थे। वहीं, कई मामलों में वाहन से जुड़े पुराने नंबर VAHAN डेटाबेस में अपडेट नहीं होते थे, जिसके कारण असली वाहन मालिक तक चालान या नोटिस की जानकारी नहीं पहुंच पाती थी। नई प्रणाली के तहत जब ट्रैफिक पुलिस किसी वाहन चालक का मोबाइल नंबर सिस्टम में दर्ज करेगी, तब उस नंबर पर एक OTP भेजा जाएगा। OTP वेरिफाई होने के बाद ही चालान जारी किया जाएगा। यदि वेरिफिकेशन फेल हो जाता है, तो चालान की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी।

देशभर में पिछले कुछ समय से फेक ई-चालान स्कैम के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। साइबर ठग लोगों को WhatsApp और SMS के जरिए नकली चालान मैसेज भेजकर ठगी का शिकार बना रहे हैं। ऐसे में Delhi Traffic Police और साइबर विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। जानकारी के अनुसार, ठग लोगों को ऐसे मैसेज भेजते हैं जिनमें फर्जी चालान लिंक, APK फाइल या नकली वेबसाइट का URL दिया जाता है। जैसे ही यूजर उस लिंक पर क्लिक करता है या APK फाइल डाउनलोड करता है, उसका मोबाइल फोन हैक हो सकता है। कई मामलों में साइबर अपराधियों ने लोगों के बैंक खातों से पैसे भी निकाल लिए हैं।

WhatsApp या SMS पर आने वाले चालान लिंक पर तुरंत भरोसा न करें, केवल सरकारी वेबसाइट पर जाकर ही चालान चेक करें, UPI PIN, OTP या बैंक डिटेल्स किसी के साथ साझा न करें, चालान की पुष्टि के लिए Official Parivahan Portal का इस्तेमाल करें, किसी भी APK फाइल को डाउनलोड करने से पहले उसकी सत्यता जांच लें ।

 

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