गांव-गांव नुक्कड़ सभाओं के जरिए किसानों को जागरूक करने में जुटा संगठन, जनसमर्थन जुटाने की तेज कवायद
फर्रुखाबाद। प्रस्तावित लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना को लेकर किसानों के बीच हलचल तेज हो गई है। भूमि अधिग्रहण को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट के नेता अजय कटियार ने 15 मई से बड़ा किसान हुंकार आंदोलन करने का ऐलान किया है। इसके लिए उनके नेतृत्व में संगठन गांव-गांव जाकर नुक्कड़ सभाएं कर किसानों को जागरूक करने और जनसमर्थन जुटाने में लगा हुआ है।
सूत्रों के अनुसार भाकियू नेता अजय कटियार लगातार ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं और किसानों को भूमि अधिग्रहण से जुड़े संभावित प्रभावों के बारे में जानकारी दे रहे हैं। नुक्कड़ सभाओं में किसानों को मुआवजा, जमीन की कीमत, भविष्य की आजीविका और अधिग्रहण प्रक्रिया से जुड़े अधिकारों के बारे में समझाया जा रहा है।
भाकियू नेताओं का आरोप है कि एक्सप्रेसवे परियोजना के नाम पर किसानों की उपजाऊ जमीनें ली जा रही हैं, लेकिन अभी तक ग्रामीणों को स्पष्ट जानकारी और भरोसेमंद आश्वासन नहीं दिया गया। संगठन का कहना है कि यदि किसानों के हितों की अनदेखी हुई तो बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा।
गांवों में हो रही बैठकों में किसानों की अच्छी भागीदारी देखने को मिल रही है। कई ग्रामीणों ने अपनी आशंकाएं जाहिर करते हुए कहा कि जमीन ही उनकी आजीविका का मुख्य साधन है और अधिग्रहण के बाद भविष्य को लेकर अनिश्चितता बढ़ रही है।
15 मई को प्रस्तावित हुंकार सभा में बड़ी संख्या में किसानों के जुटने की संभावना है। संगठन इस कार्यक्रम को केवल विरोध प्रदर्शन नहीं बल्कि “किसान जागरूकता अभियान” का रूप देने की तैयारी कर रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना आने वाले समय में जिले का बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकती है। एक तरफ सरकार इसे विकास और औद्योगिक प्रगति से जोड़कर देख रही है, वहीं दूसरी ओर किसान संगठन मुआवजे और जमीन सुरक्षा के मुद्दे पर आक्रामक होते दिखाई दे रहे हैं।
भाकियू नेता अजय कटियार ने कहा कि किसानों की सहमति और सम्मान के बिना किसी भी परियोजना को सफल नहीं माना जा सकता। उन्होंने दावा किया कि संगठन किसानों की लड़ाई को गांव से लेकर शासन स्तर तक मजबूती से उठाएगा।


