वाराणसी। “सोमनाथ संकल्प महोत्सव” के दौरान योगी आदित्यनाथ ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर देश की सुख-समृद्धि और सनातन संस्कृति की मजबूती की कामना की। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में आध्यात्मिक और भक्तिमय वातावरण देखने को मिला।
कार्यक्रम के दौरान “हर-हर महादेव” और “जय सोमनाथ” के जयघोषों से पूरा परिसर गूंज उठा। संत समाज, धर्माचार्यों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सनातन परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय स्वाभिमान को भारत की आत्मा बताया।
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व को भारत की आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक माना जा रहा है। सोमनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार के 75 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर देशभर में विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सोमनाथ केवल एक मंदिर नहीं बल्कि भारत की अटूट आस्था, संघर्ष और पुनर्जागरण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सदियों के आक्रमणों और चुनौतियों के बावजूद सनातन संस्कृति ने हर बार नए संकल्प और ऊर्जा के साथ स्वयं को स्थापित किया है।


