उत्तर प्रदेश के आगरा में मेट्रो और सीएम ग्रिड परियोजना के तहत चल रहे अधूरे कार्यों ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। शहर की कई प्रमुख सड़कों को खोदकर छोड़ दिया गया है, जिससे यातायात बाधित हो रहा है। मंगलवार को हुई बारिश के बाद हालात और खराब हो गए, जब मिट्टी और धूल दलदल में बदल गई और लोगों का निकलना मुश्किल हो गया।
सबसे ज्यादा दिक्कत राजामंडी रेलवे स्टेशन के आसपास देखने को मिली, जहां पिछले छह महीने से सड़क खुदी पड़ी है। यहां मेट्रो निर्माण कार्य के कारण पहले से ही धूल और मिट्टी जमा थी, जो बारिश के बाद कीचड़ में तब्दील हो गई। स्टेशन पर रोजाना हजारों यात्रियों की आवाजाही होती है, लेकिन दलदल जैसी स्थिति के कारण उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सीएम ग्रिड योजना के तहत नगर निगम ने सड़कों को मॉडल रोड बनाने के लिए खुदाई तो शुरू कर दी, लेकिन काम अधूरा छोड़ दिया गया। डबल ट्री होटल के सामने आधा किलोमीटर सड़क बंद पड़ी है, जबकि दिल्ली गेट से राजामंडी स्टेशन तक भी काम अधूरा है। सड़कों पर निर्माण सामग्री और मिट्टी के ढेर लगे होने से आधी सड़क ही उपयोग के लायक बची है।
समस्या को और बढ़ाते हुए नगर निगम ने नालों की सफाई से निकली सिल्ट भी सड़कों पर डाल दी है। आगरा किला के पास रामलीला मैदान, उखर्रा रोड, शमशाबाद रोड और भावना एस्टेट जैसे इलाकों में सिल्ट के ढेर लगे हैं। बारिश के कारण यह सिल्ट फिर से नालों में बहने लगी और सड़कों पर फिसलन पैदा हो गई, जिससे कई लोग चोटिल भी हुए।
स्थानीय पार्षदों ने इस स्थिति पर नाराजगी जताई है और प्रशासन से जल्द काम पूरा करने की मांग की है। उनका कहना है कि धूल और कीचड़ से लोग परेशान हैं और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। नागरिकों का कहना है कि जब तक खुदाई के बाद सड़कों को समय पर ठीक नहीं किया जाएगा, तब तक ऐसी समस्याएं बनी रहेंगी और आम लोगों को परेशानी झेलनी पड़ेगी।


