– यूथ इंडिया के मुख्य संपादक शरद कटियार से विशेष मुलाकात,
– 17वीं वैवाहिक वर्षगांठ पर सपरिवार शुभकामनाएं
कानपुर। आध्यात्मिक और सांस्कृतिक चेतना के क्षेत्र में मजबूत पहचान बना चुके अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक पं. शिवाकांत जी महाराज के आवास पर यूथ इंडिया की टीम ने एक विशेष और गहन इंटरव्यू किया। इस दौरान यूथ इंडिया के मुख्य संपादक शरद कटियार ने समाज, धर्म और युवाओं से जुड़े कई ज्वलंत मुद्दों पर खुलकर चर्चा की।
बातचीत के दौरान पं. शिवाकांत जी महाराज ने साफ शब्दों में कहा कि आज के समय में आध्यात्म को समझना सबसे बड़ी जरूरत बन गया है। उन्होंने कहा कि धर्म केवल पूजा-पाठ या अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की एक ऐसी प्रणाली है जो व्यक्ति को अनुशासन, सेवा और संयम का मार्ग दिखाती है। युवाओं को लेकर उन्होंने विशेष जोर देते हुए कहा कि अगर युवा वर्ग अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाता है तो समाज में बड़े बदलाव की नींव रखी जा सकती है।
उन्होंने परिवारिक मूल्यों के लगातार कमजोर होने पर भी गंभीर चिंता जताई। उनका कहना था कि संस्कार, सम्मान और आपसी समझ ही परिवार की असली ताकत हैं। यदि परिवार मजबूत रहेगा, तो समाज स्वतः सशक्त होगा। उन्होंने हर व्यक्ति से अपील की कि वह अपने परिवार और परंपराओं को सहेजने की जिम्मेदारी निभाए।
इस खास मुलाकात के दौरान एक भावुक और प्रेरणादायक पल भी सामने आया, जब यूथ इंडिया की टीम ने महाराज जी को उनकी 17वीं वैवाहिक वर्षगांठ पर सपरिवार शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर सादगी, पारिवारिक जुड़ाव और भारतीय संस्कृति की जीवंत झलक देखने को मिली।
यूथ इंडिया के मुख्य संपादक शरद कटियार ने कहा कि ऐसे संत और विचारक समाज के लिए दिशा-सूचक होते हैं। उन्होंने महाराज जी को वैवाहिक वर्षगांठ की शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ, सुखद और दीर्घायु जीवन की कामना की।


