शमशाबाद (फर्रुखाबाद)।
सरकार की कल्याणकारी योजनाएं भले ही गरीबों तक पहुंचाने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हों, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। नगर के मोहल्ला लतीफपुरा में एक गरीब परिवार आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित होकर कच्चे मकान में जीवन यापन करने को मजबूर है। कई बार गुहार लगाने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी अब तक बेखबर बने हुए हैं।
मोहल्ला लतीफपुरा निवासी प्रेमा देवी पत्नी राकेश कुमार ने बताया कि वह लंबे समय से सरकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए प्रयासरत हैं, लेकिन अब तक उन्हें किसी भी योजना का लाभ नहीं मिल सका। सबसे बड़ी समस्या आवास की है। कई बार आवेदन करने के बावजूद उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं दिया गया।
परिवार की स्थिति बेहद दयनीय है। प्रेमा देवी ने बताया कि उनकी छह पुत्रियां हैं, जिनमें से पांच की शादी हो चुकी है। वर्तमान में वह अपने तीन पुत्र—विशाल, सोनू और लकी तथा एक पुत्री शीतल के साथ कच्चे मकान में रह रही हैं। परिवार की आय का कोई स्थायी स्रोत नहीं है, जिससे गुजर-बसर करना मुश्किल हो रहा है।
घर की हालत इतनी जर्जर है कि मुख्य दरवाजे तक की व्यवस्था नहीं है। बरसात के दौरान छत से पानी टपकता रहता है, जिससे पूरा परिवार भय के साये में जीने को मजबूर है। बारिश से बचने के लिए पॉलिथीन का सहारा लेना पड़ता है। हर बारिश के साथ मकान गिरने का खतरा बना रहता है।
पीड़ित महिला ने बताया कि उनके पुत्र सोनू ने सरकारी आवास के लिए ऑनलाइन आवेदन भी किया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। कई बार प्रशासन से मदद की गुहार लगाने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई, जिससे परिवार निराश और हताश है।
प्रेमा देवी ने अधिकारियों की लापरवाही पर गहरा अफसोस जताते हुए कहा कि यदि जल्द ही उन्हें आवास नहीं मिला तो बरसात के मौसम में किसी बड़े हादसे की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। कच्चा मकान कभी भी ढह सकता है, जिससे पूरे परिवार की जान खतरे में पड़ सकती है।
अधिकारियों की लापरवाही के चलते कच्चे मकान में जीवन गुजारने को मजबूर गरीब परिवार, योजनाओं से अब तक वंचित


